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बच्चों का नैतिक और शैक्षणिक स्तर सुधारने पर शिक्षक करें फोकस

डीसीसुमेधाकटारिया ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों का नैतिक शैक्षणिक स्तर सुधारने पर शिक्षकों का फोकस होना चाहिए। इसमें ग्राम पंचायत सरपंच भी स्कूलों को सकारात्मक सहयोग करें। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को करने के लिए मनोबल और संसाधनों की जरूरत होती है। खंड बाबैन मेंं लोग दोनों तरह से संपन्न हैं। 

इस नेक कार्य में वे रचनात्मक सहयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति की सोच सकारात्मक है तो उसके सामने बड़े से बड़ा कार्य भी नहीं अटक सकता। सुमेधा बाबैन में सक्षम हरियाणा कार्यक्रम के तहत शिक्षा के उत्थान में समाज के सहयोग विषय पर संगोष्ठी में बोल रही थी। कहा कि संपन्न समर्थ लोगों को चाहिए कि वे भी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में एडमिशन कराएं। इससे अन्य वर्गों का भी मनोबल बढ़ेगा। बच्चों को अच्छी शिक्षा ग्रहण करने के प्रति प्रेरित किया जा सकेगा। आज जिस प्रकार प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति हुई है उसकी तुलना में सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर अभी पूरी तरह से सुधरा नहीं है। आज साधन संपन्न लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं। जबकि साधन विहीन लोग मजबूरी में सरकारी स्कूलों में बच्चों को भेजते हैं। यह सोच गलत है। यदि अध्यापकों के साथ गांव के लोग भी सरकारी स्कूलों का सहयोग करेंगे तो सरकारी स्कूल प्राइवेट की तर्ज पर सक्षम बन सकेंगे। 

येभी रहे मौजूद : इसअवसर पर डीपीसी अरुण आश्री, बीडीपीओ अंग्रेज मोर, पंचायत समिति बाबैन के चेयरमैन जिले सिंह, शाहाबाद के चेयरमैन गोपाल राणा, जिला परिषद सदस्य रीना सैनी, सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष कसीथल, डॉ. बलदेव सैनी, अमरेंद्र कठवा, प्रिंसिपल रणबीर सिंह, सुरेश सैनी रामसरन माजरा, चमन लाल फाल संडा, ज्ञान चंद मिरचेहड़ी, जयभगवान बीड़ सूजरा, सुरेश सैनी हमीदपुर, विजेंद्र शर्मा उपस्थित थे। 

देखीई-लर्निंग क्लासेस : इसअवसर पर डीसी ने बाबैन स्कूल में सुबह की प्रार्थना और ई-लर्निंग कक्षा का अवलोकन किया। कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा ब्लॉक बाबैन को सक्षम ब्लॉक घोषित किया गया है इसेे सफल बनाना हम सब की नैतिक जिम्मेदारी है। गांवों में लोगों को स्वच्छता के साथ-साथ एक दिन वाहन भी त्याग करना चाहिए। ताकि प्रदूषण को कम करने में हर कोई योगदान दे सके।