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GNM ट्रेनिंग स्कूल की इमारत में लगा ताला, उद्घाटन के एक साल बाद भी स्टाफ नहीं

जिलामुख्यालय पर नागरिक अस्पताल के प्रांगण में दस करोड़ रुपये की लागत से बनी जीएनएम ट्रेनिंग स्कूल की इमारत स्टाफ नियुक्ति होने से पिछले एक वर्ष से बंद पड़ी है। स्टाफ की नियुक्त होने से सत्र 2018 के दाखिले भी नहीं हो पाएंगे। सरकारी कॉलेज में दाखिले होने पर एक बार फिर जिले की लड़कियों को इन कोर्सों के लिए निजी शिक्षण संस्थानों का ही सहारा लेना पड़ेगा। 

भाजपा सरकार हरियाणा में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे के साथ अपने तीन साल से ज्यादा के कार्यकाल को पूरा कर चुकी है, लेकिन सरकार और प्रशासन की लापरवाही बेटी पढ़ाओ के नारे को जिला पलवल में फेल करती दिखाई दे रही है। जिला पलवल के नागरिक अस्पताल की भूमि पर दस करोड़ रुपये की लागत से बने जीएनएम ट्रेनिंग स्कूल की इमारत बनकर तैयार हुए एक वर्ष बीत चुका है। जीएनएम ट्रेनिंग स्कूल में मेडिकल से जुडे़ जैसे एएनएम जीएनएम इत्यादि कई प्रकार के कोर्स कराए जाने के लिए इसको मंजूरी मिली थी। 

जीएनएम ट्रेनिंग स्कूल में दाखिला सत्र शुरू ना होने को लेकर राजनैतिक पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप लगाते नहीं थकते। इस बारे में जहां भाजपा में सीएम के राजनैतिक सचिव दीपक मंगला से बात की तो उनका कहना था कि जल्द ही ट्रेनिंग स्कूल में स्टाफ की नियुक्ति कराकर जिले की बेटियों के दाखिले शुरू करा दिए जाएंगे। वहीं, इनेलो विधायक केहर सिंह रावत का कहना था कि जब भाजपा पिछले तीन वर्ष में ही जिले की बेटियों के लिए कुछ नहीं कर पाई तो अब इतने कम समय में क्या कर पाएगी, इसका अंदाजा तो जिले की बेटियां स्वयं ही लगा सकती है।