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प्रदेश के गांव भी बनेंगे स्मार्ट

फरीदाबाद : केंद्र सरकार की श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन योजना के तहत प्रदेश के सात जिलों के विभिन्न गांवों को स्मार्ट गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। इन गांवों में शहरी तर्ज पर सुविधाएं दी जाएंगी। योजना के तहत फरीदाबाद जिले से तिगांव का कलस्टर के रूप में चयन किया गया है। तिगांव आसपास के 10 किलोमीटर के गांवों का कलस्टर हेड होगा। कलस्टर के नियमानुसार गांव की आबादी 25 हजार है। इसी तरह से अन्य जिलों के गांवों में रेवाड़ी का कोसली, झज्जर का बादली, अंबाला का बरारा, फतेहाबाद का सामिन, जींद का उचाना खुर्द और करनाल के बल्ला गांव का कलस्टर के रूप में चयन किया गया है।

महानगरों की तरफ पलायन रोकना है मकसद : केंद्र सरकार ने महानगरों की तरफ ग्रामीणों के पलायन को रोकने के लिए पूरे देश में 300 गांवों को स्मार्ट गांव बनाने की योजना बनाई है। गांव की जीवटता गांव जैसी होगी और सुविधा शहर जैसी दी जाएंगी। इन सुविधाओं में बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य केंद्र, कौशल विकास की व्यवस्था होगी। योजना के तहत गांवों को कलस्टर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। एक कलस्टर की आबादी 25 से 50 हजार होगी। कलस्टर का विकास तीन चरणों में किया जाएगा। इसके लिए 30 फीसद धनराशि केंद्र सरकार देगी और राज्य सरकार का अंशदान 70 फीसद होगा। हर वर्ष एक कलस्टर पर 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और 15 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार खर्च करेगी।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन योजना का उद्देश्य कलस्टर की आर्थिक गतिविधियों और कौशल विकास सहित ग्रामीण क्षेत्रों में एकीकृत परियोजना पर आधारित हैं। बुनियादी सुविधा देने के लिए चयनित कलस्टरों में ठोस अवशिष्ट प्रबंधन, कौशल विकास और आइटी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार दिया जाएगा।