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दुकानों के मालिकों को होगा बड़ा नुकसान, औद्योगिक प्लाट धारकों की खुलेगी लॉटरी

बहादुरगढ़:मेट्रो यार्ड के लिए जमीन के अधिग्रहण का मामला अब और भी फंसता जा रहा है। हुडा के संपदा अधिकारी की ओर से जमीन अधिग्रहण को लेकर मौके की स्थिति का जायजा लेने और भू मालिकों से बातचीत पर आधारित एक रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को सौंप दी है। रिपोर्ट के अनुसार अधिकाश भू मालिक सरकार के नियमानुसार 1 लाख 30 हजार रुपये प्रति वर्ग पर जमीन देने को तैयार हो गए है लेकिन कई दुकानदार मार्केट रेट पर अड़े हुए है। अगर रिपोर्ट में भेजे गए रेट के अनुसार जमीन का अधिग्रहण होता है तो बड़े औद्योगिक प्लॉट धारकों की जहा लाटरी खुल जाएगी वहीं वाणिज्यिक प्लॉट धारक यानी दुकानदारों को लाखों का नुकसान हो जाएगा। यहा पर वाणिज्यिक रेट करीब 1 लाख 90 हजार से 2 लाख के आसपास है, जबकि बड़े औद्योगिक प्लाटों का रेट प्रति एकड़ के हिसाब से बहुत कम बनता है। उधर, दुकानदार मेट्रो की ओर से सीधे तौर पर खरीदी गई टीकरी कला गाव की उस जमीन के कागजात इकट्ठा करने में जुट गए है, जिनके आधार पर वे सीधा मेट्रो से ही सौदेबाजी करने के लिए कदम बढ़ाएंगे।

किस दुकानदार की कितनी जमीन, कितनी होगी अधिग्रहण:

मालिक जमीन अधिग्रहण

सुमन अरोड़ा 180 गज(3 दुकान) 27 गज

वधवा स्वीट 120 गज(2 दुकान) 18 गज

अनुपंम बंसल 60 गज 9 गज

दीपक बंसल 75 गज 11 गज

आनंद शर्मा 50 गज 9 गज

बसंत मिस्त्री 100 गज(2 दुकान) 18 गज

आरबी यादव 150 गज(3 दुकान) 27 गज

सुभाष 50 गज 9 गज

आरके दूहन 80 गज 16 गज

मार्केट रेट से कम दाम जमीन न देने पर लामबंद हुए दुकानदार:

बड़े औद्योगिक प्लाटों के मालिक भले ही सरकार के नियमानुसार 1 लाख 30 हजार रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से जमीन देने को तैयार हो गए हों लेकिन दुकानदार मार्केट रेट से कम दामों पर यह जमीन देने को तैयार नहीं है। वे सरकार की ओर से अगर कम दामों पर जमीन का अधिग्रहण किया जाता है तो इसका कड़ा विरोध करने के लिए तैयारी कर रहे है। विरोध भी उनका जायज बताया जा रहा है। सरकार की ओर से निर्धारित किए जाने वाले कलेक्टर रेट में भी साफ लिखा होता है कि 1210 वर्ग गज से ज्यादा बड़े प्लाटों का बैयनामा प्रति एकड़ के हिसाब से होगा। ऐसे में जिन प्लाटों का अधिग्रहण प्रति एकड़ के हिसाब से होना है उनका अधिग्रहण 1 लाख 30 हजार रुपये प्रति वर्ग के हिसाब से किया जा रहा है तो जो वाणिज्यिक जमीन है उनका मार्केट रेट मागना दुकानदारों का वाजिब हक है। दुकानदार आरबी यादव व श्यामलाल गुप्ता ने बताया कि वे मार्केट रेट से कम दामों पर जमीन देने को तैयार नहीं है।

रिपोर्ट प्रशासक को भेजी, अब सरकार करेगी फैसला: ढाडा

इस बारे में हुडा के संपदा अधिकारी विकास ढाडा ने बताया कि जमीन मालिकों से बातचीत करके और मौके की स्थिति का जायजा लेने के बाद एक रिपोर्ट तैयार की गई है। अधिकाश जमीन मालिक सरकार के नियमानुसार 1 लाख 30 हजार रुपये प्रति वर्ग गज पर जमीन देने को तैयार है। रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है। रही बात कुछ दुकानदारों की जो मार्केट रेट माग रहे है उस पर भी सरकार ही फैसला करेगी।