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किताबों की जगह बच्चों के हाथों में ताश, अध्यापकों के लिए शर्म की बात

तावडू : सरकारी स्कूलों में कुछ अध्यापक छात्रों के भविष्य के साथ किस प्रकार खिलवाड़ कर रहे हैं इसका अंदाजा छारोड़ा गांव के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में देखा जा सकता है। यहां अध्यापकों की लापरवाही के चलते हालात ये हैं जिन हाथों में पेन और किताब होने चाहिए उन हाथों में ताश दिखाई दे रहे हैं। गुरु की मर्यादा उस समय और भी तार-तार हो जाती है जब अध्यापक कक्षा में बैठा हुआ हो और उसके सामने छात्र ताश खेल रहे हों।

ग्रामीण एवं एसएमसी सदस्य मकसूद अहमद, वाइस चेयरमैन नसीब बेगम, इरशाद खान, पंच शाहिद ने बताया कि वो दोपहर को मिड डे मील में मिलने वाले भोजन व शिक्षा की जानकारी लेने स्कूल पहुंचे। उन्होंने देखा कि आठवीं कक्षा के छात्र अपनी कक्षा में ही ताश खेल रहे हैं। इस बारे में जब कक्षा में बैठे अध्यापक से पूछा कि ये क्या हो रहा है तो उन्होंने कहा कि क्या करें। रोजाना ताश फाड़ता हूं लेकिन छात्र फिर ले आते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों के बैठने के लिए स्कूल में टाट पट्टी तक नहीं हैं। सर्दी में भी बच्चे जमीन पर बैठने पर मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस बारे में जब मुख्य अध्यापक कृपाल ¨सह से बात की तो उन्होंने गंभीरता जताते हुए कहा कुछ शरारती बच्चे बार बार कहने के बाद भी ताश लेकर आ जाते हैं। कई बार हम इनकी ताश जला चुके हैं। ग्रामीणों ने इस बारे में अधिकारियों से इस तरफ ध्यान देने की अपील की है।