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अस्पताल लाने के बाद वापस छोड़ने के लिए नहीं एंबुलेंस की व्यवस्था

सिरसा : बेशक अधिकारी एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के बाद भी व्यवस्था ठीक होने के दावे कर रहे हों, लेकिन हकीकत यह नहीं है। अब स्थिति ऐसी है कि गांव से एक बार सामान्य अस्पताल लाने के लिए तो एंबुलेंस सेवा मिल जाएगी। मगर मरीज या गर्भवती महिला को वापस घर तक पहुंचाने के लिए सरकारी एंबुलेंस नहीं मिलेगी। कर्मचारियों द्वारा बर्खास्तगी के आदेश के बाद भी ड्यूटी नहीं ज्वाइन करने और हड़ताल को अनिश्चितकालीन करने के कारण सिविल सर्जन द्वारा उपायुक्त से चालक मांगे गए हैं। सिविल सर्जन ने पत्र भेजकर उपायुक्त से एंबुलेंस के लिए 18 चालक उपलब्ध करवाने की मांग की है।

हड़ताल का सबसे अधिक असर एंबुलेंस सेवा पर ही पड़ा है। सारे एनएचएम स्टाफ के हड़ताल पर होने के कारण 108 नंबर का कंट्रोल रूम कंप्यूटर ऑपरेटर संभाल रहे हैं। छह कंप्यूटर ऑपरेटरों को आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में बिठाया गया है। एक सप्ताह से हड़ताल होने के कारण हालात ऐसे हो गए हैं कि कंट्रोल रूम में कॉल आनी भी कम हो गई है। फिलहाल पूरे दिन में 18 से 20 कॉल ही आ रही है जबकि हड़ताल से पहले सामान्य दिनों में 80 से 90 तक कॉल कंट्रोल रूम में आती थी

हड़ताल का असर इतना है कि पूरे जिले में मात्र तीन एंबुलेंस ही ढंग से चल रही हैं जबकि जिले में 21 सरकारी एंबुलेंस है। सिर्फ छह नियमित चालकों का सहारा है। तीन एंबुलेंस पर तीन-तीन ड्राइवर दिन और रात ड्यूटी दे रहे हैं। चालकों की कमी के कारण आठ घंटे के बजाय चालक 12 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं। दावा सीएचसी स्तर पर भी एंबुलेंस उपलब्ध करवाने का है, लेकिन मरीजों को समय पर एंबुलेंस वहां भी नहीं मिल रही है