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सबसे ज्यादा ऑपरेशन व्यवस्था पर पड़ रहा असर, ओ टी में काम बंद होने के कगार पर

 झज्जर :जिला में एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। जिसका सबसे अधिक असर ऑपरेशन थिएटर की सेवाओं पर पड़ा है। सेवाओं के भी बाधित हो जाने से आपात स्थिति में मरीजों को रोहतक पीजीआइ रेफर करने के अलावा रास्ता नहीं बचा है। हड़ताल शुरू होने से पहले जहां सामान्य अस्पताल की ओटी में हर रोज आठ से दस ऑपरेशन होते थे वहां पर केवल एक या दो ऑपरेशन हो पा रहे हैं। स्टाफ नर्स हड़ताल में शामिल होने के कारण मात्र एक नियमित स्टाफ नर्स से काम चलाया जा रहा है। इतना ही नहीं एसएनसीयू व लेबर रूम की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो गई हैं। फिलहाल चार से पांच डिलीवरी हो रही हैं। जबकि पहले करीब 10-11 डिलीवरी यहां पर होती थी।

गौरतलब है कि जिला में तीन सामान्य अस्पताल, छह सीएचसी व 22 पीएचसी शामिल हैं। विभाग के आंकडों के अनुसार 522 एचएचएम कर्मचारियों में से 416 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो चुके हैं। स्टाफ की कमी के कारण सीएमओ, एनएचएम कार्यालय, एसएमओ कार्यालय के अलावा प्रयोगशालाओं में कार्यरत कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण यहां की व्यवस्था प्राय: प्रभावित हो गई है। चिकित्सकों व नियमित स्टाफ के अवकाश भी रद्द किए जा चुके हैं।

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महज छह एंबुलेंस कर रही काम

जिला के अस्पतालों में 16 एंबुलेंस की गाड़ियां हैं। इन गाड़ियों में से मात्र छह गाड़ियां ही चल पा रही हैं। केवल आपात स्थिति में एंबुलेंसों को कॉल पर भेजा जा रहा है। हालांकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोई कॉल मिस नहीं की जा रही । जबकि हालात कुछ ऐसे आन बने है कि लोग मरीजों को अपनी गाड़ियों से भी अस्पतालों में ला रहे हैं और दूसरे अस्पतालों में रेफर होने पर उन्हें वहां ले जा रहे हैं।

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सबसे ज्यादा व्यवस्था ओटी की प्रभावित हुई हैं। ओटी में केवल आपात स्थिति में ही एक-दो ऑपरेशन हो रहे हैं। नियमित कर्मचारियों के सहारे ही काम चलाया जा रहा है। जहां भी एनएचएम के तहत काम करने वाले कर्मचारी कार्यरत थे वे व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं।

- डा. मुरारी लाल, एसएमओ, सामान्य अस्पताल, झज्जर।

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एंबुलेंस सेवाओं के लिए कुछ कर्मचारियों को डीसी रेट पर लगाने की योजना बनाई जा रही हैं। अगर एनएचएम के कर्मचारी वापस नहीं लौटे तो व्यवस्था को चलाने के लिए यह प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।