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बदला मौसम, बरसे बदरा, गिरा पारा

 झज्जर : कई दिनों के बाद रविवार की शाम से क्षेत्र में वर्षा का दौर जारी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 24 घंटे में 4 से 6 एमएम वर्षा होने की संभावना है। फिलहाल तक दो एमएम वर्षा हो चुकी थी। मौसम विभाग का पूर्वानुमान खरा उतर रहा है। चार दिन तक मौसम में परिवर्तन जारी रहेगा। वहीं आसमान में बादल भी छाए रहेंगे, बुधवार को 6 से 8 एमएम वर्षा होने की संभावना जताई जा रही है। जिससे तापमान में भी गिरावट आएगी। सोमवार को मौसम के मिजाज बदले रहे। आसमान में बादल छाए रहने के कारण सोमवार की सुबह ग्रामीण क्षेत्र में कोहरा छाया हुआ था।

वहीं, कुछ देर के लिए सुबह करीब 9 बजे सूर्य देव भी दिखाई दिए। करीब आधे घंटे के बाद ही आसमान में छाए बादलों के बीच समा गए। सोमवार की शाम को करीब साढ़े तीन बजे हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। चार बजे के बाद वर्षा का दौर शुरू हो गया था। जिसके कारण मंगलवार को तापमान में गिरावट आने की संभावना है। सोमवार को जहां अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखा जाए तो मंगलवार को तापमान में गिरावट आकर अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।

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किसानों के लिए आसमान से बरस रहा सोना : सोमवार को वर्षा शुरू होने के बाद किसानों के चेहरों पर रौनक आ गई है। क्योंकि इस समय किसानों की फसल में फुटाव शुरू हो चुका है और फसलों को पानी की आवश्यकता अधिक होती है। जिन किसानों ने गेहूं की फसल की बिजाई किए हुए 21 दिन से अधिक समय हो गया है उन किसानों गेहूं की ¨सचाई कर ली है, जबकि बाकि किसानों को वर्षा होने से काफी फायदा होगा। मौसम में आए परिवर्तन को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने इस दौरान किसानों को अपनी फसलों में किसी तरह की स्प्रे नहीं करने व फसलों की ¨सचाई रोकने की सलाह दी है। इस बदलते मौसम के दौरान किसानों को अपनी फसल में किसी तरह की दवाई का छिड़काव नहीं करने की सलाह दी है। दूसरी ओर किसान इस समय गेहूं की फसल में खरपतवारनाशक दवाई का छिड़काव करने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे बदलते मौसम में किसी तरह की दवाई का स्प्रे ना करें। अगर मौसम विभाग की भविष्यवाणी सही हुई और जिले में बारिश हो जाए तो यह फसलों के लिए बहुत उपयोगी रहेगी। इसका कारण यह है कि सरसों, गेहूं, चने और जौ की खेती में ठंड से ही बढ़वार होती है। अभी तक जिले में कड़ाके की सर्दी का मौसम नहीं बनने पर इन फसलों में सही बढ़वार नहीं हो पाई है।

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सोमवार की शाम को वर्षा का दौर शुरू हो गया है। आसमान से बूंदों के रूप में किसानों के लिए सोना बरस रहा है। फिलहाल फसलों को पानी व ठंड दोनों की आवश्कता है।