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अखबारों में छपने का था इस एक्टर को जुनून, करने जा रहे इस काम की शुरुआत

 

हिसार। गोविंदा के साथ मुत्तु स्वामी या पप्पू पेजर के नाम से जाने वाले सतीश कौशिक रविवार को हरियाणवी फिल्म फेस्टिवल में पहुंचे। एक्टर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर तीनों ही रोल में सतीश कौशिक बॉलीवुड इंडस्ट्री में पहचाने जाते हैं।दैनिक भास्कर से हुई बातचीत में सतीश ने बताया कि अखबार में छपने के जुनून ने मुझे एक्टर बना दिया।छुट्टियां मनाने जाते थे शिमला...

- सतीश हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के धनुंधा गांव से हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से ही शिमला या और कहीं छुट्टियां मनाने की जगह मैं गांव जाता रहा हूं।

- मगर मैं अपने पिता जी से हमेशा कहता था कि मुझे अखबार में छपना है। मेरा नाम अखबार में आना चाहिए और शायद इसी सपने काे पूरा करते-करते मैं पर्दे की दुनिया तक पहुंच गया।

पप्पू पेजर, कैलेंडेर, मुत्तु स्वामी को आज भी करते हैं याद

- पप्पू पेजर, कैलेंडर, मुत्तु स्वामी , एयरपोर्ट, कुंज बिहारी, जर्मन जैसे ऐसे करेक्टर हैं जिन्हें में याद रखता हूं।

- दरअसल हर एक्टर की एक अदा होती है और मैं इन किरदार को इंट्रेस्टिंग बनाने के लिए जान लगा देता था।

- थिएटर का एक्सपीरियंस इस चीज को निखारता है। कैलेंडर नाम मैं जिंदगी से नहीं हटा सकता।

हरियाणा में “छोरियां छोरों से कम नहीं होती” से करेंगे शुरुआत

- सतीश कौशिक ने एक्टिंग के साथ में तेरे नाम, ‘रूप की रानी चोरों का राजा’‘हम आपके दिल में रहते हैं’ जैसी कई सुपरहिट फिल्में डायरेक्ट की हैं।

- सतीश की फिल्म ‘ए बिलियन कलर स्टोरी’ इंटरनेशनल लेवल पर अवॉर्ड हासिल किए हैं।

इसके साथ ही सतीश अब अपनी जन्मभूमि यानि हरियाणा में फिल्में बनाने का विचार बना चुके हैं।

- 2018 में छोरियां छोरों से कम नहीं होती टाइटल के साथ फिल्म लेकर आ रहे हैं। इस टाइटल काे फरवरी में लॉन्च किया जाएगा। जिसमें हरियाणा के टेलेंट को कास्ट किया जा रहा है और वो इसकी शुरुआत के साथ ही जल्दी ही हरियाणा के लिए और प्रोजेक्ट पर काम करेंगे।

अच्छा सिनेमा देखने की आदत डालना हरियाणवी के लिए जरूरी

- सतीश कौशिक का मानना है कि फिल्म फेस्टिवल वह जरिया है जो देश के साथ अलग नेशन, कल्चर को जानने का मौका देता हैं जिससे अापकी समझ डेवलप होती है।