# बयान से पलटे करणी सेना प्रमुख ,पद्मावत देखने से इंकार         # अमेरिका में शटडाउन खत्म, राष्ट्रपति ट्रंप ने साइन किए बिल         # दिल्ली: राजपथ पर फुल ड्रेस रिहर्सल आज, कई जगह मिल सकता है जाम         # सेंसेक्स की डबल सेंचुरी, पहली बार 36000 के पार, निफ्टी ने भी रचा इतिहास         # सीलिंग के विरोध में दिल्ली के सभी बाजार आज रहेंगे बंद         # भारत-पाक बॉर्डर पर तनाव के बीच जम्मू कश्मीर में LOC के आर - पार बस सेवा फिर शुरू         # मिजोरम में शरण लिए म्यांमार के 1400 लोगों का देश लौटने से इनकार         # हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों को देना होगा दहेज नहीं लेने का शपथ पत्र         # हरियाणा के कांग्रेस विधायकों को पार्टी फंड के लिए नोटिस         # दिल्ली एनसीआर में मौसम ने ली करवट, हल्की बारिश से ठंड की वापसी        
News Description
मास्टर कॉलोनी में बंदरों के आंतक से लोगों में खौफ, प्रशासन के प्रति रोष

जाखलमंडी की मास्टर कॉलोनी में बंदरों ने आतंक मचाया हुआ है। आए दिन बंदर लोगों के घरों में घुसकर कोई कोई नुकसान कर रहे हैं तो वहीं बच्चों में इनका खौफ इस कदर बना हुआ है कि वह छत पर भी नहीं जा रहे हैं। जबकि महिलाएं भी बंदरों के कारण अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही हैं। सोमवार को कॉलोनी के लोगों ने इकट्ठे होकर जहां बंदरों से रही परेशानी को बयां किया वहीं प्रशासन की ओर से इस बारे में कोई भी ध्यान दिए जाने के कारण रोष भी जताया। 

कॉलोनी वासी आशू गर्ग, मास्टर विनोद कुमार, बिंदर पाल, बॉबी, भगीरथ चंद, दलबारा सिंह इत्यादि कई लोगों ने बताया कि कॉलोनी में बंदरों ने अपना खौफ बना रखा है। रोजाना छतों पर आकर उछल कूद करते बंदर कुछ कुछ तोड़ फोड़ की घटना को अंजाम दे रहे हैं वहीं छतों पर सुखाएं कपड़े उठाकर ले जाते हैं। 

लोगों ने कहा कि इससे वह घरों में दुबक कर रहने को मजबूर हो रहे हैं। हालांकि इसके बारे में पहले भी अधिकारियों को अवगत कराया गया था लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 

जल्द करेंगे समाधान: गर्ग 

^नगरपालिकालिपिक कमल गर्ग ने कहा कि बंदरों के कारण रही परेशानी ध्यान में है। इसके लिए जल्द ही वन्य एवं प्राणी विभाग अधिकारियों को पत्र लिखकर समस्या का समाधान करवाया जाएगा। फिलहाल इसके बारे में कोई लिखित शिकायत भी नहीं मिली है। लोग इस मामले बारे अपनी शिकायत नगरपालिका कार्यालय में दे सकते हैं। 

बंदरों को पकड़ने से पहले ली जाएगी मंजूरी 

बंदरोंको पकड़ने के लिए असल में एक प्रक्रिया को अपनाया जाएगा। नगरपालिका कमेटी की ओर से इसके लिए बाकायदा एक टेंडर अलॉट किया जाता है। वहीं बंदरों को संबंधित क्षेत्र से पकड़ने के लिए वन्य एवं प्राणी विभाग से मंजूरी भी ली जाएगी।