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पलवल के एतिहासिक चमेली वन को संवारने की तैयारी

 पलवल: पलवल जिले के एतिहासिक व प्राचीन चमेली वन को संवारने की तैयारी शुरू कर है। जीर्णोद्धार के लिए राज्य सरकार व द ब्रज फाउंडेशन ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। यहां बने अंजनी कुंड को नए सिरे से बनाया जाएगा जबकि वन में जीवों के संरक्षण पर नए सिरे से काम किया जाएगा।

चमेली वन करीब सौ एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। चमेली वन में वन्य जीवों के नाम पर अब केवल बंदर ही रह गए हैं। वन में पेड़ों की संख्या भी काफी कम हो गई है। इस वन में स्थित अंजनी कुंड का एतिहासिक व पौराणिक महत्व है। कुंड का निर्माण भी नए सिरे से हो रहा है। आने वाले दिनों में यह एक दर्शनीय स्थान बन जाएगा।

गांव भुलवाना स्थित अंजनी कुंड के जीर्णोंद्धार की मांग काफी समय से उठ रही थी। मुबंई के उद्योगपति कमल मोरारका के आर्थिक सहयोग से अंजनी कुंड की जेसीबी से गहरी खुदाई कर, इसमें जमी गाद को निकाला। इसे चारों ओर चमेली वन में फैला दिया गया था। इसके बाद ब्रज फाउंडेशन ने चमेली वन और अंजनी कुंड के सौंदर्यीकरण की कार्य योजना बनाकर हरियाणा सरकार के पर्यटन विभाग को सौंप दी। इसी बीच इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड के आर्थिक सहयोग से अंजनी कुंड के सौंदर्यीकरण कार्य शुभारंभ किया गया। प्रथम चरण में घाटों और परिक्रमा मार्ग के निर्माण के साथ कुंड के चारों ओर सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाना है।

राज्य सरकार ने भी चमेली वन के विकास के लिए दो करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। इस राशि से चमेली वन के रास्ते, परिक्रमा मार्ग, लाइटें, फव्वारे लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने भी इस योजना को मंजूरी दे दी है।