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हड़ताल के चलते निजी अस्पतालों का रुख करने लगे हैं मरीज

लवल : राष्ट्रीय बहुउद्देशीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों की हड़ताल जनसाधारण के लिए जी का जंजाल बनने लगी है। सामान्य दर्जे के मरीजों ने नागरिक अस्पतालों की तरफ जाना छोड़ कर निजी अस्पतालों का रुख करना शुरू कर दिया है।

अस्पताल में पंजीकरण खिड़की से लेकर डाक्टरों के कक्ष तक सभी खाली दिखाई देने लगे हैं। सोमवार को दो दिन के अवकाश के बाद जब अस्पताल खुला तो पंजीकरण खिड़की खाली नजर आई, जिस पर छुट्टी के बाद पैर रखने की जगह तक नहीं मिलती थी। अन्य दिनों की उपेक्षा मात्र 30 फीसदी ही मरीजों ने उपचार के लिए अपनी पर्ची बनवाई।

वहीं एंबुलेंस सेवाएं बंद होने के चलते मरीजों खासकर गर्भवती महिलाओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की एंबुलेंस सेवा कक्ष पर ताला लगा हुआ है, तथा मरीजों की सेवा करने वाले अपनी लड़ाई लड़ते हुए सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद की आवाज बुलंद करने में जुटे हैं। सोमवार को भी गांव कोंडल की गर्भवती नेहा प्रसूति के लिए अस्पताल आने के लिए घंटो तक एंबुलेंस का नंबर मिलती रही। जब कोई जवाब नहीं मिला तो उसने 600 रुपये में निजी वैन किराए पर की व अस्पताल पहुंची। लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद भी उसे राहत नहीं मिली तथा परिजन यहां से वहां लेकर भटकते रहे