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विकास में गांव की सांझेदारी देती है सुझाव और समाधान

झज्जर : गांव के विकास कार्यों में गांव के लोगों की भागीदारी होगी तो विकास कार्यो की गुणवत्ता के साथ गांव के विकास के रचनात्मक सुझाव एवं समाधान भी मिलते हैं। यह कहना है हरियाणा के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ का। वे रविवार को बादली विस क्षेत्र की पंचायतों से रूबरू होकर विकास कार्यों की समीक्षा का अनूठा कार्यक्रम चलाने के सवाल पर बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि जब गांव एक इकाई रूप में अपने विकास की बात स्वयं सोचता है तो विकास का पैमाना उम्मीद से भी अधिक उम्दा होता है। समीक्षा का यह प्रयोग एक तरह से दशकों पहले ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तरह ही है। इस व्यवस्था में पंचायत एवं मौजिज लोग गांव की समस्या एवं समाधान के बेहतर विकल्प सरकार और अधिकारियों के समक्ष रख रहे हैं, गांव के विकास में यह लोगों की सीधी भागीदारी है। इसी कड़ी में रविवार को धनखड़ बादली विधानसभा क्षेत्र के 12 गांवों की पंचायतों से अलग-अलग रूबरू हुए। हर गांव की पंचायत के समक्ष स्क्रीन पर पिछले तीनों सालों में गांव में हुए विकास कार्यों का ब्यौरा संबंधित फोटो एवं राशि के साथ ग्रामीणों के समक्ष रखा गया।

बॉक्स : रविवार को जिन गांवों के विकास कार्यो पर चर्चा हुई वाजिदपुर, खखना, सिकंदरपुर, उटलौधा, जहांगीरपुर, बाबरा, भटेड़ा, चांदपुर, गिजाड़ौद, रायपुर, सिलाना व कुलाना गांव शामिल रहे। संबंधित गांवों के विकास कार्यों की चर्चा के मंथन के दौरान गांव के सरपंच, पंच के अलावा सहित गांव के मौजिज लोग भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में गांवों की पंचायती संस्थाओं की महिला प्रतिनिधि भी विकास पर चर्चा करने कार्यक्रम में पहुंच रही हैं। यहां प्रोजेक्टर के माध्यम से संबंधित गांव के विकास कार्यो को सिलसिलेवार राशि के साथ तथा विकास की प्रमाणित तस्वीर के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों से संबंधित काम पर पंचायत मंत्री ने स्वयं फीडबैक लिया। जिन विकास कार्यों पर ग्रामीणों की रजामंदी और रिकार्ड ने मेल नहीं खाया वहीं पंचायत मंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों की समक्ष ही संबंधित विभाग के अधिकारियों से मौके पर ही जवाब तलब करते हुए संबंधित विभाग अथवा अधिकारी की जवाबदेही भी तैयार की।

विकास के लिए धन की कमी नहीं

कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि बादली की जनता ने उन्हें चंडीगढ़ भेजा और पार्टी ने उन पर भरोसा रखते हुए मंत्री बनाकर आप लोगों की सेवा की जिम्मेदारी दी, अब क्षेत्र की जनता की सेवा करना उनका फर्ज है। आजादी के 70 साल में आज तक किसी भी विधायक ने इस तरह पंचायतों को बुलाकर गांव में कराए विकास कार्यो का हिसाब नहीं दिया। उन्होंने पंचायतों द्वारा रखी गई मांगों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं के अनुरूप बजट का निर्धारण करते हुए अनुदान देती है,फिर भी कोई परियोजना अधूरी रहती है,तो उसके लिए पैसे की कमी नहीं रहने दी जाएगी।