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तापमान गिरने से बढ़ा ठंड का प्रकोप, जनजीवन प्रभावित

 चरखी दादरी: तारीखें बदलने के साथ दिसम्बर माह के दूसरे सप्ताह में लगातार तापमान गिरने से ठंड बढ़ती जा रही है। हालांकि पिछले चार दिनों से दिनभर खिलकर धूप निकलने से आम लोगों को कुछ राहत मिली है लेकिन सायं होते ही ठंड अपना असर दिखाना शुरू कर देती है। सुबह, सायं व रात को न्यूनतम तापमान के पिछले चार दिनों में तीन डिग्री तक गिरने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। पिछले 24 घंटों के दौरान दादरी जिले में अधिकतम तापमान 22 व न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जानकारों का कहना है कि जिस कदर मौसम लगातार बदल रहा है उससे दिसम्बर के अंतिम सप्ताह तक सर्दी पड़ने का नया रिकार्ड बन सकता है। छुट्टी का दिन होने के कारण रविवार को दादरी नगर के अधिकतर बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे लेकिन इसके बावजूद अवकाश के दिन भी खुलने वाले कुछ स्थानीय बाजारों, पटरी बाजारों में सुबह से लेकर सायं तक खासी रौनक दिखाई दी। पटरी बाजारों में गर्म वस्त्रों की खरीददारी के लिए खासी भीड़ दिखाई दे रही है। वैसे भी पटरी बाजारों पर बिकने वाला सामान बाजार की बड़ी दुकानों, शोरूमों की अपेक्षा काफी कम दामों पर मिलने से यह पिछले काफी समय से आम लोगों की पसंद बनता जा रहा है। विशेषकर दादरी नगर के रेलवे रोड, फोरलेन के आसपास, पुराना बस स्टैंड, तहसील रोड इत्यादि के पटरी बाजारों में रविवार को भी चहल पहल नजर आई।

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गहराने लगा बिजली संकट

तापमान गिरने, ठंड बढ़ने के साथ ही दादरी नगर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले तीन चार दिनों से अघोषित पावर कट की समस्या गहराने लगी है। विशेषकर सुबह, शाम व रात को बिजली कट लगना सामान्य बात हो चुकी है। हालांकि पिछले एक माह से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुचारू बनी हुई थी लेकिन बताया गया है कि ठंड बढ़ने पर बिजली की खपत बढ़ने से समस्या बनती जा रही है। विशेषकर बड़ी संख्या में गीजर, राड इत्यादि का प्रयोग किए जाने से कई फीडर ओवरलोड चलने से बिजली संकट बनता जा रहा है।

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बच्चों का ध्यान रखना जरूरी : डा. लाकड़ा

बाल रोग विशेषज्ञ व लाकड़ा बच्चों के अस्पताल के संचालक डा. महाबीर लाकड़ा ने बताया कि बदलते मौसम, बढ़ती ठंड में छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। छोटे बच्चों को स्वयं सर्दी की गंभीरता का अहसास नहीं होता। उन्हें संक्रामक व वायरस से जुड़ी बीमारियां जल्दी अपनी चपेट में ले लेती है। इसलिए छोटे बच्चों को गर्म कपड़े पहनना, उन्हें स्वच्छ वातावरण में रखना तथा खुले में कम से कम जाने दे। बच्चों के खान-पान पर भी ध्यान रखना जरूरी है। डा. लाकड़ा ने कहा कि हम अपने घरों व आसपास स्वच्छता पर सजग रहे तथा कहीं भी पानी खड़ा न होने दें।