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जींद की महारैली से फिर शुरू होगा जाट आदोलन

, बहादुरगढ़ :सर्व जाट खाप के राष्ट्रीय प्रवक्ता सूबे सिंह समैण ने कहा कि जींद की महारैली से फिर से जाट आरक्षण आदोलन को तेज किया जाएगा। यह तब तक नहीं रुकेगा, जब तक मागे पूरी नहीं होंगी। हम यशपाल मलिक की तरह सरकार से मिलीभगत या चंदे के रूप में पैसा एकत्रित करने का काम नही करेंगे।

सूबे सिंह रविवार को बहादुरगढ़ में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। वे 17 दिसंबर को कलायत में हो रही रैली के सिलसिले में यहा पहुचे थे। उन्होंने यशपाल मलिक पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने आदोलन को असल मुद्दे से भटका दिया है। हमारी लड़ाई आरक्षण लेने और आदोलन में दर्ज केसों को रद कराने की है। यह बात जनवरी में सिरे चढ़ गई थी। सरकार ने कमेटी गठन की बात कही थी, लेकिन एन वक्त पर मलिक ने फिर आदोलन शुरू करके बात बिगाड़ दी। 50 दिनों तक लोगों को धरने के नाम पर खेतों में बैठाकर रखने का असल मकसद पैसा जुटाना था। मलिक के पास विदेशों से अरबों रुपया आया है, लेकिन इसमें से आदोलन में मारे गए या घायल हुए लोगों के परिवारों को कोई मदद नही दी गई। केस भी लोग अपने खर्च पर लड़ रहे है। सारा पैसा मलिक ने अपने खाते में डाल रखा है। जो ट्रस्ट बना रखा है, उसमें हरियाणा का एक भी सदस्य नही है। हर जिले में मलिक ने कुछ लोगों को अपने साथ मिला रखा है जो पैसे को हजम करने में लगे है। सूबे सिंह ने कहा कि 17 दिसंबर को कलायत में ही जींद महारैली की घोषणा की जाएगी। इसी महौरली से आदोलन फिर शुरू होगा। यह तब तक नहीं रुकेगा जब तक सरकार सभी केसों को रद करने का लिखित प्रमाण नही देती। इस आदोलन में यशपाल मलिक को छोड़ पूरा जाट समाज शामिल होगा।

सूबे सिंह ने कहा कि यशपाल मलिक के साथ मंच पर केंद्रीय मंत्री बीरेद्र सिंह व इनेलो नेता अभय चौटाला का जाना एक तरह से गिरावट की राजनीति का प्रमाण है। अगर ये नेता यह समझते है कि मलिक के जरिये अपनी राजनीति चलाएंगे, तो यह बड़ी भूल है। इसका मतलब तो अभय चौटाला हौसला खो चुके है। वैसे भी जिस जसिया रैली में ये नेता गए, उसमें रामपाल अनुयायियों के अलावा और कोई नही था।