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बंदरों की बढ़ती संख्या से शहरवासी परेशान, घंटों में कर रहे नुकसान

बहादुरगढ़ शहर में दिनों दिन बंदरों की संख्या बढ़ती जा रही है। जहां देखो वहां बंदरों उत्पात करते रहते हैं जिससे ग्रामीण खासे परेशान हैं। बंदरों ने कई लोगों को काटा भी है, लेकिन उसके बाद भी लोगों को बंदरों से निजात नहीं मिल पा रही। अब तो हाल यह हो रहा है कि बंदरों की टोलियां छतों पर उछलकूद करती रहती है। जिससे लोगों का छतों पर चढ़ना भी मुश्किल हो गया। यहां के निवासी रमेश, विनोद संजय बत्रा ने का कहना है कि शहर के मॉडल टाउन के साथ साथ अग्रवाल कॉलोनी संत नगर, धर्मपुरा आदि क्षेत्रों में दिनों दिन बंदरों की संख्या बढ़ती जा रही है। प्रशासन से मांग है कि इनसे जितना जल्दी हो सके निजात दिलाई जाए। ये खाने-पीने की चीजों को तो खराब करते ही हैं अब तो तोडफ़ोड़ करने से भी बाज नहीं रहे। मकानों के छज्जों अन्य जगहों पर चढ़कर उत्पात मचाते हैं। जिससे जो मकानों को भी नुकसान पहुंच रहा है। एक मकान मालिक मीनू का कहना है कि बंदरों एक काफी बड़ी टोली ने उनके मकान पर धावा बोल दिया। जिससे मकान के छज्जे के अलावा अन्य कुछ स्थान नीचे ढह गया। मगर गनीमत यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ उस दौरान उसकी चपेट में कोई नहीं आया। वहां पर परिवार के दो सदस्य काम कर रहे थे पर बाल-बाल वे बच गए। पूरे आंगन में ईंट-पत्थर बिखर गए। 

ग्रामीणों ने कहा कि बंदरों के कारण घरेलू कामकाज भी प्रभावित होने लगे हैं। यहां तक कि वे अपनी छतों पर जाने से भी कतराने लगे हैं। महिलाएं कपड़े सुखाने के लिए जब छत पर जाती है तो मौका मिलते ही वे कपड़ों को भी तहस-नहस करने में देरी नहीं लगाते। इस बारे में नप के सचिव मुकेश ने बताया कि बंदरों को पकड़ने का टेंडर छोड़ा जा रहा है। जल्द ही बहादुरगढ़ में करीब एक हजार बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़े जाएंगे। 

अग्रवाल काॅलोनी वालों ने पाला लंगूर 

अग्रवालकाॅलोनी में स्थानीय लोगों ने लंगूर किराए पर लिया है। लंगूर पालने वाले इस काॅलोनी में उन स्थानों पर बिठाते हैं जहां हर रोड बंदरों की टोली निकलती है। बंदरों का सामना जब लंगूर बंदर से होता है तो बंदर वहां से भाग जाते हैं। दो साल पहले पारले फैक्ट्री में भी लंगूर बंदर को रखा गया था पर वह बंदरों को भगाते समय करंट का शिकार हो गया था। इसी तरह से सेक्टर छह में भी वेलफेयर कमेटी ने लंगूर बंदरों को किराय पर लिया था। अब अग्रवाल कालोनी में लंगूर को किराए पर लिया गया है। इसे एक हजार रुपए माह के हिसाब से किराए पर लिया गया है।