News Description
लीवर ट्रांसप्लांट सुविधा से मरीजों को मिला जीवनदान : डा. नित्यानंद

पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के मेडिसन विभाग एवं एपीआइ रोहतक चेप्टर द्वारा रविवार को रिसेंट एडवा¨सस इन हैपेटोलोजी एंड गेस्ट्रोएंट्रोलोजी विषय पर संगोष्ठी का शुभारंभ चिकित्सा अधीक्षक डा. नित्यानंद व कुलसचिव डा. एचके अग्रवाल ने किया।

चिकित्सकों को संबोधित करते हुए चिकित्सा अधीक्षक डा. नित्यानंद ने कहा कि मेडिसन विभाग एवं एपीआइ चेप्टर द्वारा हैपेटोलोजी एंड गेस्ट्रोएंट्रोलजी पर पहली संगोष्ठी के लिए संगठन सचिव डा. तराना गुप्ता व डा. संदीप गोयल बधाई के पात्र हैं। इस क्षेत्र मे काफी नई तकनीकें आई हैं, जिसके बारे में चिकित्सकों को अपडेट रहना आवश्यक होता है। डा. नित्यानंद ने बताया कि जब वे छोटे थे तब हैपेटाइटिस बी व लीवर की कई बीमारियां जानलेवा होती थी। समय के साथ चिकित्सा जगत अपडेट हुआ है और लीवर ट्रांसप्लांट जैसी आधुनिक सुविधाएं आईं हैं, जिससे मरीजों को नया जीवनदान मिला है। पीजीआई में मेडिसन क्लीनिक विभाग बहुत अच्छा कार्य कर रहा है और यहां के चिकित्सक एम्स जैसे बड़े अस्पतालों से ट्रे¨नग लेकर आए हैं।

डा. नित्यानंद ने कहा कि डा. संदीप गोयल व डा. तराना गुप्ता ने दो सप्ताह के कम समय मे ही इतनी अच्छी कांफ्रेंस आयोजित की है, जिसमें इतनी अधिक सं?ख्या में प्रतिभागी हिस्सा लेने आए हैं।

कुलसचिव डा. एचके अग्रवाल ने सभी को आगामी नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि उन्हें काफी खुशी है कि आज की संगोष्ठी मे बहुत अच्छे विषय का चयन किया गया है। आजकल शराब व धूम्रपान के सेवन से लीवर की समस्या के बहुत ज्यादा मरीज आ रहे हैं और ऐसे में उनके इलाज में नवीनतम तकनीक से मरीजों को बहुत फायदा मिलेगा। डा. एचके अग्रवाल ने कहा कि आज की यह संगोष्ठी चिकित्सकों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी। डा. वीके कत्याल ने कहा कि संगोष्ठी का विषय काफी अच्छा है क्योंकि लीवर की बीमारी के मरीज काफी बढ़ रहे हैं, ऐसे मरीजों को जल्दी एवं नवीनतम इलाज उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। इसमें इतनी अधिक संख्या मे रेजिडेंट डॉक्टर भी हिस्सा ले रहे हैं, यह अच्छी बात है। डा. हरप्रीत ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि आज की इस संगोष्ठी के बाद चिकित्सकों का काफी ज्ञानवर्धन होगा।

डा. तराना गुप्ता व डा. संदीप गोयल ने बताया कि पेट, आंत व लीवर की बीमारी के इलाज में आई नवीनतम तकनीकें आई हैं, जिसके बारे में बताने के लिए पूरे देश से विख्यात चिकित्सक आए हैं।