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आर-पार का मोर्चा खोल दिया एनएचएम कर्मियों ने

कुरुक्षेत्र :दो दिन की हड़ताल पर गए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मियों ने स्वास्थ्य विभाग व सरकार के खिलाफ आर या पार का मोर्चा खोल दिया है। कर्मियों ने उचित आश्वासन नहीं मिलने तक हड़ताल पर जाने का निर्णय कर लिया है। वहीं कुछ कर्मचारियों को बर्खास्त करने के निर्देश की सूचना मिलने पर गुस्साए कर्मियों ने अधिकारियों व सरकार के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी और अस्पताल व सड़कों पर रोष मार्च निकाला। वहीं दूसरी ओर एंबुलेंस सेवा सुचारू नहीं होने के कारण कुछ मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। कुछ मरीज स्थिति को भांपते हुए खुद ही अपने निजी वाहनों से घर की ओर वापस हो लिए।

एनएचएम कर्मियों के हड़ताल पर जाने से नियमित कर्मचारी परेशान

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत कर्मियों पर कई तरह की अहम जिम्मेदारी हैं। लेबर रूम में एनएचएम के तहत 12 स्टाफ नर्स कार्यरत हैं, जहां दिन रात काम का अत्याधिक बोझ रहता है। यहां पर पांच नियमित स्टाफ नर्स कार्यरत हैं। सामान्य दिनों में शिफ्ट के दौरान नियमित व एनएचएम स्टाफ नर्स भी कम पड़ जाती हैं। 30 से अधिक बेड पर दोगुनी व तीन गुणा प्रसूता व नवजात शिशु दाखिल रहते हैं। यही स्थिति अस्पताल व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भी रहती है। ऐसे में एनएचएम कर्मियों के हड़ताल पर जाने से नियमित कर्मचारियों की भी परेशानी बढ़ गई है। जिस काम को करने में नियमित व एनएचएम स्टाफ नर्स भी मिलकर थोड़ी पड़ जाती थीं अब वहां केवल नियमित स्टाफ को काम करना पड़ रहा है।

इन विभागों में छाया रहा सन्नाटा

एएनएम, जीएनएम, 108 एंबुलेंस, स्टाफ नर्स, एनसीडी, फिजियोथैरेपिस्ट, परिवार एवं कल्याण, आरबीएसके, डीआइईसी, जिला प्रशिक्षण कार्यालय, एसएनसीयू विभाग के कर्मी व चिकित्सक हड़ताल पर रहे। एएनएम व जीएएनएम कर्मियों के हड़ताल पर जाने से बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण नहीं हो पाया।

नहीं मिली एंबुलेंस

चालक व ईएमटी के हड़ताल पर जाने से एंबुलेंस सेवा तीसरे दिन भी पूरी तरह से बहाल नहीं हो पाई। मगर ठेके पर कार्यरत चालकों ने मरीजों को लाने व ले जाने का काम किया। लेकिन चालकों की कमी के चलते बहुत से मरीजों को घर वापस जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिल पाई। ऐसे में उन्हें आटो, निजी एंबुलेंस और निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। कुछ मरीज हड़ताल को देखते हुए खुद ही 108 नंबर रूम तक नहीं पहुंचे। जबकि कुछ मरीजों को आपातकालीन केस नहीं होने के कारण एंबुलेंस मिल।

कर्मियों का आरोप, विभाग व सरकार ने नहीं दिया कोई आश्वासन

धरने पर बैठे कर्मियों ने आरोप लगाया कि उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। हाल ही में ठेके पर लगाए गए एंबुलेंस चालकों को एनएचएम कर्मियों से ज्यादा रुपये दिए जा रहे हैं। यही स्थिति स्वास्थ्य विभाग के दूसरे विभागों में भी है। कर्मियों ने कहा कि जब दिल्ली और पंजाब में एनएचएम कर्मियों को वेतन वृद्धि कर दी गई है तो हरियाणा में समान वेतन क्यों नहीं दिया जा रहा।

कार्रवाई के अभी कोई आदेश नहीं

जिला सिविल सर्जन डॉ. एसके नैन ने बताया कि एनएचएम के कई कर्मी अपनी ड्यूटी पर हैं। हालांकि सैकड़ों हड़ताल पर बैठे हैं। हड़ताल पर जाने से पहले 15 दिन पहले जानकारी देनी होती है। पहले दो दिन की जानकारी कर्मियों ने पहले ही दी थी मगर अब जो हड़ताल की जा रही है वह गलत है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों ने गैर हाजिर चल रहे कर्मियों की सूचना मांगी थी, जिसकी सूचना भेज दी गई है।