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डीसी से मिले गोशाला संचालक, मृत गोवंश के दफनाने के लिए की जमीन की मांग

जिलेभर की गोशाला संचालकों प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के समक्ष मृत गोवंश के अंतिम संस्कार में रही परेशानी का हल करने की मांग की है। गोशाल प्रबंधन का कहना है कि उनके पास इतनी जमीन नहीं है कि वे मृत गोवंश को दफना सकें। 

गुरुवार को डीसी सोनल गोयल से मिले झज्जर जिला गौशाला संगठन के प्रधान मास्टर हवासिंह कबलाना ने बताया कि समस्या को सुनकर डीसी ने इसका हल निकाले जाने का भरोसा दिया है। डीसी को बताया गया कि बहादुरगढ़ की मांडौठी और बेरी की डीघल गोशाला के मृत गोवंश को ठेकेदार उठाकर ले जाता है। यही व्यवस्था अन्य गोशालाओं में भी लागू करवाने में प्रशासनिक सहयोग किया जाए। प्रशासन इसके लिए ठेकेदार को मंजूरी प्रदान करे,ताकि उसे मृत गोवंश लाने-ले जाने में कोई अड़चन आए। इस बात पर डीसी गोयल ने बेरी डीघल गोशालाओं से संपर्क कर प्रशासन की ओर से हर संभव मदद की बात कही है। चर्चा के दौरान ही डीसी से मांग की गई कि पंचायती जमीन में से गोचरण की कुछ जमीन गोशालाओं को दी जाए, ताकि वहां चारे की पैदावार की जाए सके। इस पर भी डीसी ने सभी एसडीएम को इस संबंध में सूचना देकर जमीन संबंधी मांग की पड़ताल करने का आश्वासन दिया। यह भी बता दें कि इससे पहले भी जिले भर की गोशालाओं की ओर से गोशाला को मृत गोवंश दफनाने के लिए जमीन और चारे की पैदावार के लिए भी जमीन मुहैया कराए जान की मांग की की जा चुकी है,लेकिन प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं हुई है। 

इन गोशालाओं के मिले प्रतिनिधि 

डीसीसे मिलने वालों में झज्जर गोशाला से संजय गोयल,एडवोकेट मुकेश शर्मा, बेरी गोशाला से जागेराम कादियान, भूपसिंह कादियान, मातनहेल गोशाला से सुरेश शर्मा, खेड़का गुर्जर गोशाला से जसमेर, डीघल गोशाला से रणवीर सिंह, गोशाला समिति नूना माजरा से मनोज जून शामिल रहे।