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एक हजार दिव्यांगों को कल बांटेंगे उपकरण बाग स्टेडियम मेंे पहुंचा आधा-अधूरा सामान

जिलेभर के एक हजार से ज्यादा दिव्यांगों को 9 दिसंबर को कृत्रिम अंग समेत उनकी जरूरत का सामान मिलेगा। ऐसा पहली बार होगा जब झज्जर में सीएसआर के तहत दो करोड़ रुपए के कृत्रिम अंग और अन्य प्रोडक्ट वितरित किए जाएंगे। इसके लिए जहांआरा बाग स्टेडियम में तैयारियां की जा रही हैं। गुरुवार को पंडाल सजावट का कार्य जोर-शोर से किया गया। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर 9 दिसंबर को आएंगे और दिव्यांगों को सौगात देंगे। 

कार्यक्रम की तैयारी के लिए स्टेडियम में ट्राइसाइकिल की एसेंबलिंग का कार्य खल रहा है। समूचे प्रोडक्ट भारत सरकार के उपक्रम एनटीपीसी झाड़ली के सीएसआर के तहत कानपुर की एल्मिको कंपनी द्वारा भेजे गए हैं। गुरूवार को जब इनकी एसेंबलिंग की जा रही थी तब बिजली चालित तीन ट्राइसाइकिल की तीन सीट कवर कम मिली। हालांकि कानपुर की एल्मिको कंपनी के स्टाफ का दावा है कि ये सीटें समय से पहले मंगवा ली जाएंगी और दिव्यांगों को सीट कवर युक्त ही ट्राइसाइकिल दी जाएगी। 

टॉक-बैक एक्सेस सॉफ्टवेयर से बदल जाएगी जिंदगी 

दृष्टिबाधितदिव्यांगजनों के लिए खास तौर पर तैयार किए स्मार्ट फोन में केवल 3500 एमएएच बैटरी होगी बल्कि दो जीबी रैम के साथ-साथ 16 जीबी मेमोरी भी रखी गई है। इस फोन में दिव्यांगजनों के लिए मेक इन इंडिया तकनीक पर बना टॉक-बैक एक्सेस सॉफ्टवेयर होंगे जिससे बातचीत के साथ-साथ एक टच पर वाट्सएप पर आने वाले संदेश एसएमएस सुने जा सकेंगे। एक्सेस सॉफ्टवेयर के जरिए यह फोन दिव्यांग दृष्टि अनुकूल होगा। एलिम्को प्रतिनिधि एसके रथ ने जानकारी देते हुए बताया कि यह स्मार्ट फोन केवल दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। झज्जर जिला में आयोजित होने वाले शिविर में 108 दिव्यांगजनों को यह फोन निशुल्क दिए जाएंगे। 

1142 दिव्यांगजनों को मिलेगा लाभ 

उपायुक्तसोनल गोयल की पहल पर आयोजित होने वाले इस शिविर के जरिए 1142 दिव्यांगजनों को लाभ मिलेगा। दिव्यांग जन कल्याण को समर्पित देश के सबसे बड़े इस समारोह में 215 दिव्यांगजनों को मिलने वाली बैटरी चालित मोटराइज्ड ट्राई साइकिल 7 दिव्यांगजनों को मिलने वाली व्हील चेयर भी स्वदेशी तकनीक से तैयार आधुनिक उपकरण है। एक बार में कम बिजली खपत में चार्ज होने वाली यह ट्राई साइकिल पचास किमी तक चलेगी। 

वाइब्रेशन के जरिए मिलेगा 

केन से यूजर को अलर्ट 

इसीतरह आईआईटी, नई दिल्ली द्वारा विकसित स्मार्ट केन के फीचर भी दृष्टिबाधित दिव्यांजनों के लिए पूरी तरह अनुकूल है। केन में लगे सेंसर मार्ग में आने वाली किसी बाधा को दूर से ही महसूस करते हुए तुरंत वाइब्रेशन के जरिए यूजर को अलर्ट करेंगे बाधा के करीब आने पर वाइब्रेशन ऑटोमैटिकली तेज हो जाएगी। दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों की रोजमर्रा की जिंदगी में केन के इस्तेमाल के दौरान होने वाली परेशानियों पर पूरी स्टडी रिसर्च के बाद यह केन विकसित गई है। झज्जर के शिविर में 153 दिव्यांगजनों को यह स्मार्ट केन मिलेगी।