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महानिदेशक कार्यालय पर 22 को प्रदर्शन करेंगे रोडवेजकर्मी

सिरसा : सर्व कर्मचारी संघ और हरियाणा कर्मचारी महासंघ के संयुक्त नेतृत्व में रोडवेज कर्मचारी 22 दिसंबर को विभाग के महानिदेशक कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन को लेकर दोनों संघों का बृहस्पतिवार को सिरसा में जिला सम्मेलन हुआ। सम्मेलन में कर्मचारी नेता वीरेंद्र धनखड़ और सरबत पूनियां बतौर मुख्य वक्ता शामिल हुए।

सम्मेलन में 2 दिसंबर को रोहतक में हुई राज्य स्तरीय बैठक का विवरण दिया गया। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि रोडवेज कर्मियों की मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को 20 दिसंबर तक का समय दिया गया है। जिसके बाद 22 दिसंबर को राज्य परिवहन महानिदेशक के चंडीगढ़ स्थित कार्यालय पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। इस मौके पर सकसं के जिलाध्यक्ष मदनलाल खोथ, राज्य उपाध्यक्ष लक्ष्मणदास, कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष आत्माराम सहारण, डिपो प्रधान रामकुमार चुरनिया व सुरजीत अरोड़ा उपस्थित रहे।

सरकार के सामने रखी गई है 30 मांगें

कर्मचारी नेताओं ने बताया कि यूनियन की ओर से बंद पड़ी कर्मशाला को शुरु करने, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने, दादरी डिपो से निकाले गए 52 कर्मचारियों को ड्यूटी पर लेने, पुलिस विभाग की तरह रोडवेज कर्मचारियों को एक्सग्रेशिया के तहत एक माह का अतिरिक्त वेतन देने की स्थाई नीति बनाने, 2015-16 व 2016-17 के बकाया बोनस का भुगतान करने, स्थाई कर्मचारियों को अस्थाई बनाने का पत्र रद करने तथा 1992 से 2002 के बीच लगे चालकों व परिचालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का करने व एरियर का भुगतान करने, कर्मशाला में कार्यरत तकनीकी वेतनमान से वंचित कर्मचारियों को तकनीकी वेतनमान देने, तकनीकी वेतनमान को फंक्शनल वेतनमान मानकर एसीपी सहित सभी लाभ देने, अन्य राज्यों में जा रही बसें बंद करने के बजाय 14 हजार साधारण बसें शामिल करने, नई परिवहन नीति रद करने, चालक की पदोन्नति डीटीसी, पंजाब व हिमाचल की तर्ज पर उपनिरीक्षक के पद पर करने, यार्ड मास्टर के पद बढ़ाने, चालकों को मिल रहे स्पेशल भत्ते की राशि बढ़ाने सहित 30 मांगें रखी गई है