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शिक्षा निदेशालय के नियमों पर गंभीर नहीं सरकारी स्कूल

 सोनीपत : शिक्षा निदेशालय द्वारा पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लाए गए नियम पर सरकारी स्कूल गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। विभागीय निर्देशानुसार इसी साल से सभी स्कूलों में प्रधानाचार्य कक्ष के पास वहां कार्यरत सभी शिक्षकों की पूरी जानकारी मुहैया करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत स्कूल में अलग-अलग कक्षाओं के अध्यापकों की पूरी जानकारी एक बोर्ड पर अंकित की जानी है। अगर कोई शिक्षक अनुपस्थित है तो इसकी जानकारी बोर्ड पर होनी चाहिए। इसके अलावा किस घंटी में कौन अध्यापक पढ़ा रहा है, इस बारे में भी इस बोर्ड को रोजाना अपडेट किया जाना आवश्यक है।

जिले के अधिकतर स्कूलों ने इस नियम को अपनाया तो जरूर है, मगर इसे रोजाना अपडेट करने की जहमत नहीं उठाते। दरअसल, स्कूलों ने प्रधानाचार्य कक्ष में एक चार्ट पर स्कूल टीचर की पासपोर्ट साइज फोटो के साथ उसकी कक्षा का नाम लिखकर खानापूर्ति कर दी है। इस चार्ट से यह पता ही नहीं चल पाता कि कौन से विषय का शिक्षक आज अवकाश पर हैं और अगर कोई शिक्षक अवकाश पर चल रहा है तो उसकी जगह उसकी कक्षा कौन ले रहा है?

प्रदेश के राजकीय स्कूलों में मोटी सैलरी ले रहे कई शिक्षक स्कूल न आकर अपने स्थान पर किसी व्यक्ति को दिहाड़ी पर लगा देते थे। शिक्षकों की जगह वह व्यक्ति स्कूल जाकर उसकी हाजिरी पूरी कर देता था। इस तरह के कई मामले प्रकाश में आने के बाद ही प्रदेश शिक्षा निदेशालय ने फैसला लिया कि प्राइमरी से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों तक सभी स्कूलों के प्रधानाचार्य कक्ष के बाहर या अंदर वहां पढ़ा रहे तमाम अध्यापकों की पूरी जानकारी हो। इसके तहत एक बोर्ड पर शिक्षकों के नाम के कार्ड बनाए जाने चाहिए जिस पर शिक्षक की फोटो के साथ उनका नाम, कक्षा व पता अंकित होना आवश्यक है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी स्कूल में दसवीं में ¨हदी पढ़ाने वाले शिक्षक किसी कारणवश छुट्टी पर हैं तो उस दिन उनके स्थान पर कौन कक्षा ले रहा है,यह जानकारी किसी से पूछे बगैर ही बोर्ड से ही समझ में आ जानी चाहिए।