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चलती ट्रेन से उतरते समय महिला का पैर फिसला, दोनों पैर कटे, अस्पताल में माैत

फरीदाबाद. ओल्ड रेलवे स्टेशन पर गुरुवार दोपहर चलती ट्रेन से उतरने का प्रयास कर रही बुजुर्ग महिला का पैर फिसलने से ट्रेन के नीचे गई। उसके दोनों पैर कट गए। महिला को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया। वहां उसकी मौत हो गई। महिला यहां सेक्टर 49 सैनिक कॉलोनी में रहने वाले अपने बेटे के पास रही थी। इसी तरह एक दूसरी घटना में बल्लभगढ़ पुल के पास ट्रेन की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की भी मौत हो गई।


अमृतसर से इंदौर जाने वाली इंदौर एक्सप्रेस से बुजुर्ग कुसुमलता एस-3 कोच में सफर कर रही थीं। उनका यूपी के मुजफ्फरनगर से फरीदाबाद तक का रिजर्वेशन था। गुरुवार को ट्रेन करीब सवा तीन घंटे की देरी से 1.36 बजे पहुंची। ट्रेन प्लेटफार्म नंबर तीन पर खड़ी होने वाली थी कि बुजुर्ग महिला ने उतरने का प्रयास किया। प्लेटफार्म पर पैर फिसलने से वह ट्रेन के नीचे गई। इससे उसके दोनों पैर कट गए। यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को खड़ी की।


सूचना मिलने पर रेलवे कर्मचारी, आरपीएफ और जीआरपीकर्मी घायल महिला को एक निजी अस्पताल में ले गए। जहां करीब एक घंटे बाद उसकी मौत हो गई। जांच अधिकारी राजपाल ने बताया कि घटना के वक्त महिला का बेटा राेहित भी प्लेटफार्म पर गया था। इसके चलते ट्रेन करीब दस मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही।


वहीं दूसरी ओर एक अन्य घटना में बल्लभगढ़ पुल के पास ट्रेन की चपेट में आने से छांयसा गांव निवासी महेंद्र की मौत हो गई। जांच अधिकारी चेतराम के अनुसार महेंद्र बुधवार को सरूरपुर अपनी बहन के यहां गया था। वहां से आकर पुल के पास लाइन पार करते समय ट्रेन की चपेट में गया। एक कागज पर लिखे मोबाइल नंबर पर फोन करने पर उसकी पहचान हो पाई।

चलती ट्रेन में चढ़ना और उतरना दोनों ही खतरनाक है। ऐसे में प्लेटफार्म पर ट्रेन के खड़े होने के बाद ही चढ़ें और उतरें। फरीदाबाद समेत अन्य स्टेशनों पर आए दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। खासकर महिलाओं का चलती ट्रेन में चढ़ना-उतरना खतरे से खाली नहीं होता। ओल्ड फरीदाबाद स्टेशन समेत इस सेक्शन के सभी स्टेशनों पर ट्रेनों का कम से कम दो मिनट का स्टापेज निर्धारित है। इतने समय में यात्री आसानी से उतर सकता है। जान की कीमत को समझते हुए ऐसा करने से बचें।