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दम घुटने से हुई थी बच्ची की मौत, चार घंटे कूलर में छिपाए रखा शव

अंबाला : छावनी के बोह गांव में जिस मां ने अपने पति के साथ काम करने वाले नौकर के साले को अपना बेटा समझकर उसे खाना खिलाया, उसी ने उसकी गोद उजाड़ दी। छावनी के एसडी स्कूल में पढ़ने वाले नाबालिग हत्यारोपी ने न केवल पहले बच्ची का अपहरण कर उसके परिजनों से फोन पर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी, बल्कि बाद में डर के मारे उस बच्ची को मुंह पर कपड़ा बांधकर उसकी सांसें हमेशा के लिए बंद कर दी। हद तो तब हो गई जब बच्ची को मौत के घाट उतारने के बाद हत्यारोपी ने उसे प्लास्टिक वाले पानी के टब में डुबो दिया और बाद में उसके शव को कमरे में रखे कूलर में छिपा दिया। बृहस्पतिवार को जब बच्ची का छावनी के नागरिक अस्पताल में चार डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया तो प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बच्ची की मौत दम घुटने के कारण हुई है। बाद में उसे पानी में डुबोया गया। देर शाम पुलिस ने हत्यारोपी को जुवेनाइल बोर्ड के सामने पेश कर रिमांड मांगा, लेकिन ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने हत्यारोपी को बाल सुधार गृह भेजने का आदेश दिया।बच्ची के मां से बनवाकर दो बार खाना खाया

इस मामले में यह बात सामने आई है कि हत्यारोपी ने बच्ची का अपहरण करने से पहले करीब पांच बजे वैष्णवी की मां द्वारा बनाया गया खाना गया। इसके बाद रात को जब बच्ची की हत्या कर दी गई उसके बाद फिर से हत्यारोपी उनके घर रात खाना खाने के लिए पहुंच गए। उस पर किसी का शक न जाए इसलिए वह खुद बार-बार बच्ची के घर चक्कर काटता रहा और किसी को घटना की भनक तक नहीं लगने दी गई। बच्ची की मां को भी नहीं पता था कि जिस बेटे समान छात्र को वह खाना खिला रही है उसी ने उसकी गोद उजाड़ दी है।

परिवार को सांत्वना देने पहुंची कई हस्तियां

बच्ची के संस्कार में स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री अनिल विज भी श्मशान घाट में पहुंचे। उन्होंने बच्ची के परिजनों को सांत्वना दी। इसके अलावा नगर निगम के कई पार्षद, फिल्म एक्टर परिणीति चोपड़ा के पिता समेत अन्य कई लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। इसके अलावा बच्ची के सेसिल कान्वेंट स्कूल से ¨प्रसिपल समेत अन्य कई शिक्षक भी उनके घर पर पहुंचे।

कोट

हत्यारोपी बुधवार को भी स्कूल में नहीं आया था और बृहस्पतिवार को पांचों छात्रों में से एक भी स्कूल में नहीं आया है। शुक्रवार से स्कूल में दिसंबर की परीक्षाएं शुरू हो रही है। स्कूल में नहीं आने का कुछ कारण पता नहीं है। पांचों छात्र स्कूल से गैरहाजिर है।