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झंडा दिवस पर दान करती उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल

 उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल ने आज अपने कैंप कार्यालय से सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर भारतीय सशस्त्र सेना के कर्मियों के कल्याण के लिए राशि दान करके इस कार्यक्रम की शुरूआत की। यह राशि सैनिकों की भलाई के लिए एकत्रित की जाती है।
इस मौके पर उपायुक्त ने कहा कि हर नागरिक को झंडा दिवस पर सैनिकों के लिए कुछ न कुछ राशि दान करनी चाहिए। हमारी सेना हमारे लिए गर्व का विषय है। पूरे विश्व में सबसे अनुशासित सेना भारत की है। 
डा. मित्तल ने कहा कि हमारे देश की सेना की बदौलत ही हिंदुस्तान आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। ऐसे सैनिकों के लिए कुछ राहत देकर हम अपने आपको गौरवान्वित महसूस करते हैं। 
इस मौके पर जिला सैनिक बोर्ड की सचिव कर्नल सरिता यादव के अलावा अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।
 
इनको दी जाती है सहायता 
नारनौल। सशस्त्र सेना झंडा दिवस द्वारा इक_ा की गई राशि युद्ध वीरांगनाओं, सैनिकों की विधवाओं, भूतपूर्व सैनिक, युद्ध में अपंग हुए सैनिकों व उनके परिवार के कल्याण पर खर्च करती है। आजादी के बाद सरकार को लगने लगा कि सैनिकों के परिवार वालों की भी जरूरतों का ख्याल रखने की आवश्यकता है और इसलिए सरकार ने 7 दिसंबर को झंडा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। शुरूआत में इसे झंडा दिवस के रूप में मनाया जाता था लेकिन 1993 से इसे सशस्त्र सेना झंडा दिवस का रूप दे दिया गया।