News Description
मांगों को लेकर मैस कर्मियों ने फिर किया आंदोलन शुरू

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के मैस कर्मचारियों ने छात्रावास प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया। मैस कर्मचारी कुवि प्रशासन से नियमित करने की मांग कर रहे हैं। मार्च माह में लेबर कोर्ट की ओर से कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए नियमित करने के आदेश दिए थे, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन स्वीकृत पद न होने की बात कहकर उन्हें टाल रहा है। कर्मचारी 18 नवंबर से पहले लगभग डेढ़ माह तक लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर कुवि प्रशासन की ओर से कर्मचारियों को आश्वासन देकर आंदोलन को स्थगित करा दिया था, लेकिन प्रशासन द्वारा एक भी मांग पूरी न करने के कारण कर्मचारी फिर लामबंद हो गए और उन्होंने मंगलवार को कुवि कुलपति कार्यालय के बाहर जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।

एसोसिएशन के प्रधान रामप्रकाश ने बताया कि लेबर कोर्ट की ओर से मार्च में कर्मचारियों को नियमित करने के आदेश दिए थे। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की ओर से उसी दौरान प्रशासन को सूचित कर दिया था। जिसके बाद भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद कर्मचारियों ने मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू किया था, लेकिन प्रशासन पर शायद ही इसका कोई असर हुआ हो। 25 नवंबर को विश्वविद्यालय में राष्ट्रपति का कार्यक्रम था। प्रशासन ने राष्ट्रपति के आगमन को लेकर प्रशासन की ओर से चीफ वार्डन ने कर्मचारियों की मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा था कि कर्मचारियों के पदों की स्वीकृति के लिए प्रदेश सरकार को भेज देंगे और तब तक डीसी रेट कर्मचारियों को दिया जाएगा। उसके बावजूद भी कर्मचारियों को न तो डीसी रेट दिया गया और न ही पदों की स्वीकृति के लिए सरकार के पास भेजा गया। इस मौके पर सुभाष पारचा ने बताया कि कर्मचारी मांगों के पूरा होने तक आंदोलन को जारी रखेंगे।