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कर्मचारी बोले-वेतन नहीं दिया तो खोल देंगे नंदीशाला के गेट

तीनमाहसे नंदीशाला में गो वंशों की देखरेख कर रहे कर्मचारियों को आज तक वेतन नहीं दिया है। वेतन मिलने के विरोध में आज कर्मचारियों ने नगरपालिका के एमई से मिलकर रोष प्रकट किया। 

नगरपालिका कार्यालय पहुंचे कर्मचारी कृष्ण कुमार, गुरिंद्र सिंह, मनोज, संजीव आदि ने बताया कि जब नगरपालिका के अधिकारियों ने नंदीशाला को शुरू किया तो स्वयं नपा के एमई ने उन्हें डीसी रेट पर काम पर रखा था। लोगों ने बताया कि नंदी शाला में रखे गोवंशों की देखरेख के अलावा उन्हें सड़कों से आवारा गायों को पकड़ने के आदेश दिए थे और पकड़े प्रत्येक गो वंश का छह सौ रुपए मेहनताना देने की बात कही थी। इन लोगों ने बताया कि उन्होंने सड़कों से लगभग 300 गोवंशों को पकड़कर नंदी शाला पहुंचाया, जिसका मेहनताना लगभग एक लाख अस्सी हजार रुपए बनाता है जो उन्हें आज तक नहीं मिला। तीन माह से चौदह लोग दिन रात नंदीशाला की देख रेख कर रहे हैं लेकिन तो उन्हें वेतन दिया जा रहा है मेहनताना। इन लोगों ने बताया कि नंदीशाला में नंदी कई बार सींग मार उन्हें घायल कर देते हैं ऐसे में सरकार की तरफ से उनके इलाज की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार उनका तीन माह का वेतन नंदी पकड़ने का एक लाख अस्सी हजार रुपए का भुगतान तुरंत करवाए अन्यथा वे नंदी शाला गेट खेलकर सभी गो वंशों को आजाद कर देंगे। चीका नंदीशाला जब से शुरू की गई है यहां गोवंशों का मरना जारी है। इस नंदीशाला में भूख, प्यास सर्दी से अब तक सत्तर से भी अधिक गो वंशों की मौत हो चुकी है लेकिन अधिकारियों की टाल मटौल नीति के चलते शेड की व्यवस्था नहीं हो पाई। शेड होने से सर्दी से यहां हर रोज एक गाय की मौत हो रही है। एमई नपा चीका रमेश कुमार वर्मा ने कहा कि तो मैंने किसी को नंदीशाला के लिए काम पर रखा और मेरे पास इनका वेतन देने की कोई मंजूरी आई है। अगर उच्च अधिकारी वेतन देने की मंजूरी देते हैं तो वे भी वेतन तुरंत जारी कर देंगे।