News Description
हड़ताल पर रहा 75 फीसद एनएचएम स्टाफ, स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई

 हिसार : करीब एक साल से लंबित मांगों के पूरा ना होने पर सरकार से खफा एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर रहे। सभी नागरिक अस्पताल में एकजुट हुए और सीएमओ कार्यालय के पीछे पार्क में धरना लगाकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों के काम छोड़ हड़ताल पर जाने की वजह से स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। किसी वार्ड में ताले लटके मिले, तो कहीं रेगुलर स्टाफ को अतिरिक्त कार्यभार संभालना पड़ा। कम्प्यूटर वर्क पूरी तरह ठप रहा। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में नेशनल हेल्थ मिशन के तहत कार्यरत 752 कर्मचारी हैं, जिनमें से 75 फीसद स्टाफ हड़ताल पर रहा, जबकि एनएचएम कर्मचारी एसोसिएशन के अनुसार 80 फीसद स्टाफ हड़ताल पर था। ऐसे में दावा किया जा रहा है कि 100 फीसद स्टाफ काम छोड़कर हड़ताल पर रहेगा। पहले दिन ही मरीजों को अव्यवस्थाओं से दो-चार होना पड़ा है। बुधवार को उक्त हालात और भी बदहाल हो जाएंगे। एनएचएम कर्मचारी एसोसिएशन के जिला प्रधान जगत बिसला ने बताया कि आरएनटीसीपी, आयुष, एंबुलेंस, टीकाकरण, प्रसुति सेवा, आपरेटर इत्यादि विभागों में कार्यरत एनएचएम कर्मी हड़ताल पर रहे हैं। कुछ ट्रे¨नग पर गए थे, जोकि बुधवार को सीधा हड़ताल में शामिल होंगे। हिसार के अलावा प्रदेश भर में एसोसिएशन के बैनर तले हड़ताल सफल रही है। हड़ताल में सीएचसी, पीएचसी और यूएचसी पर कार्यरत स्टाफ भी शामिल हुआ है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हुई हैं। बिसला ने बताया कि करीब एक साल हो चुका है लेकिन उनकी मांगों को सरकार ने पूरा नहीं किया है। स्वास्थ्य मंत्री तक का आश्वासन मिला था, फिर भी हालात जस के तस हैं। अगर सरकार ने मांगों को पूरा नहीं किया तो अनिश्चितकाल तक काम छोड़कर धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। बिसला के अनुसार पिछले साल 25 अक्टूबर से 6 नवंबर 2016 तक मांगों को लेकर कर्मचारी एसोसिएशन हड़ताल पर थी। तब स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने 15 दिन में मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था। एक भी मांग पूरी नहीं हुई।

....

ये हैं प्रमुख मांगे

- समान वेतन, समान काम

- एनएचएम स्टाफ को रेगुलरलाइज करना

- सातवें वेतन आयोग की सिफारिश करना

- एनएचएम कर्मियों के सेवा नियम बनाए

....

एनएचएम स्टाफ की स्थिति

- जिले में एनएचएम कर्मी : 752

- प्रदेश में एनएचएम कर्मी : 12,500

........

जिले में स्टाफ की स्थिति

- एंबुलेंस ड्राइवर : 54

- एंबुलेंस इएनटी : 46

- आपरेटर : 4

- फ्लीट मैनेजर : 01

- स्टाफ नर्स : 141

- एएनएम : 248

- बीएओ : 08

- आइए,सीए : 70

- आयुष-होम्योपैथिक डॉक्टर एवं कर्मी : 41/32

- टीबी अस्पताल में कार्यरत कर्मी : 26

......

स्वास्थ्य सेवाएं ज्यादा प्रभावित नहीं हुई है। रेगुलर स्टाफ ने काम संभाला हुआ है। एंबुलेंस सेवा भी सुचारू रही। कहीं से कोई शिकायत नहीं है। 75 फीसदी स्टाफ हड़ताल पर रहा है। इनकी रिपोर्ट सरकार को भेजी है। जैसे आदेश आएंगे, उसकी पालना करेंगे।

- डा. जितेंद्र शर्मा, एनएचएम डिप्टी सीएमओ।