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न्याय के मंदिर की सुरक्षा होगी मजबूत

जागरण संवाददाता, यमुनानगर : जिला कोर्ट परिसर में जाने के लिए दो द्वार पार करने होंगे, क्योंकि सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दो प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं। अभी तक एक ही प्रवेश द्वार था। 4 जनवरी को परिसर में हुए गोलीकांड के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया। मैन गेट के नजदीक सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएंगे। चेकिंग के बाद ही लोगों को अंदर प्रवेश करने दिया जाएगा।जागरण संवाददाता, यमुनानगर : जिला कोर्ट परिसर में जाने के लिए दो द्वार पार करने होंगे, क्या

जागरण संवाददाता, यमुनानगर : जिला कोर्ट परिसर में जाने के लिए दो द्वार पार करने होंगे, क्योंकि सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दो प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं। अभी तक एक ही प्रवेश द्वार था। 4 जनवरी को परिसर में हुए गोलीकांड के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया। मैन गेट के नजदीक सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएंगे। चेकिंग के बाद ही लोगों को अंदर प्रवेश करने दिया जाएगा।

कोर्ट परिसर में रोजाना हजारों की संख्या में लोगों का आना होता है। बिना रोक टोक के अंदर प्रवेश कर जाते हैं। पिछले दिनों कैदी ने भागने का प्रयास किया था, जिसको पुलिस ने हाईवे पर बस के नजदीक से काबू किया।

बता दें कि 4 जनवरी को न्याय के मंदिर में गोली मारने की घटना ने सुरक्षा तंत्र की पोल खोलकर दी थी। प्रथम तल पर हाथ में हथियार लिए घूम रहे गैंगस्टर पर किसी की नजर नहीं गई। वह अपने इरादे में कामयाब भी हुआ। बाद में इस घटना को गैंगवार से जोड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों को काबू करने में सफलता भी हासिल की। इस घटना के बाद डीजीपी ने मौके का दौरा किया था। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का आश्वासन दिया। करीब पांच माह बाद कोर्ट परिसर की सुरक्षा चाक चौबंद की जा रही है। नई व्यवस्था में चे¨कग प्रक्रिया से गुजरे बिना कोई भी न्याय के मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकेगा।

पहले की घटना पर नजर

वर्ष 2007 में माओवादियों पर तानी थी पिस्तौल

वर्ष 2007 में माओवादियो को छछरौली पुलिस जब कोर्ट में पेश करने आई थी, इस दौरान अपराधिक प्रवृति के व्यक्ति ने उस पर पिस्तौल तान दी थी। इसके बाद 2014 में बैंक कालोनी में हुई मारपीट के मामले में आरोपियों पर पीड़ित पक्ष ने उनके कपड़े कोर्ट परिसर के बाहर बाहर फाड़ दिए थे।

सराहनीय फैसला : रण ¨सह

साबापुर निवासी रण ¨सह का कहना है कि अच्छा फैसला है। इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। संदिग्ध लोगों पर नजर रहेगी। कोर्ट ही नहीं आने वाले लोग भी सुरक्षित रहेंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि कोई भी व्यक्ति सीधे परिसर में सीधे प्रवेश नहीं कर पाएगा।

सीसीटीवी कैमरे भी लगने चाहिए

बाकरपुर निवासी सोहन लाल कहते हैं कि दो प्रवेश द्वार बनाने से काम नहीं चलेगा। इसके साथ सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाने चाहिए। इनके लगने से हर किसी की गतिविधि पर नजर रहेगी। अगर कोई व्यक्ति आपराधिक घटना को अंजाम देता है तो पुलिस के लिए उसे पकड़ना आसान रहेगा।