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नौवीं कक्षा की दो छात्राओं ने निगला जहर, स्टाफ ने बचाई जान

अंबाला शहर : राजकीय हाई स्कूल कुराली में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली दो सहेलियों महक और मानसी ने स्कूल में ही जहर निगल लिया। जैसे ही दोनों परीक्षा में बैठी तो उनकी हालत बिगड़ गई। दोनों छात्राओं को उल्टियां शुरू हो गई। बदबू आने के बाद पता चला कि दोनों ने सल्फास निगला है। अध्यापक और स्टाफ ने आनन-फानन में स्कूल में चल रहे प्राथमिक चिकित्सा केंद्र से डॉक्टर को बुलाया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को शहजादपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भेज दिया गया। यहां से भी दोनों को अंबाला शहर जिला नागरिक अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भेज दिया गया। अभी दोनों की हालत स्थिर है। दोनों छात्राओं को 24 घंटे की निगरानी के बाद ही छुट्टी दी जाएगी।

बता दें कि 4 दिसंबर से सरकारी स्कूलों में मासिक परीक्षाएं चल रही हैं। मंगलवार को नौवीं कक्षा का ¨हदी का पेपर था। सुबह 10 बजे पेपर शुरू होता है। परीक्षा के लिए दोनों क्लास में बैठी थी। इसी दौरान उनकी हालत बिगड़ गई। स्कूल प्रशासन ने दोनों के परिजनों को मामले से अवगत कराया।

मामले में कई पेंच, उलझा रही छात्राएं

ट्रामा सेंटर में भर्ती महक ने बताया कि उसे सड़क पर पड़ी एक बोतल मिली। उन्हें नहीं पता कि उसमें क्या था? न ही उन्होंने ऐसी गोलियां देखी थी। इसीलिए उन्होंने यह गोलियां खा लीं। मानसी ने भी यही बात बार-बार दोहराई। दो अन्य सहेलियों का नाम लेते हुए महक ने बताया कि उन्होंने भी हमारे साथ गोलियां खाई थीं, लेकिन वे दोनों ठीक हैं। महक अपने नाना के घर कुराली में रहती है, जबकि मानसी कुराली की ही है। स्कूल प्रशासन ने बताया कि महक ने पारिवारिक कारणों व अपने पिता से तंग आकर जहर खाया है, लेकिन मानसी ने क्यों खाई, इसका जवाब किसी के पास नहीं है? यदि दोनों ने दवा खाई तो दोनों ने अन्य दो सहेलियों का नाम क्यों लिया? दूसरा महक और मानसी ने जहर निगला है उनकी शिकायत लेकर दो छात्राएं ही क्यों गई? यह तो एक भी बता सकती थी? वही क्यों गई जिनका नाम मानसी और महक ने अपने साथ गोलियां खानी वाली सहेलियों में लिया?

क्यों नहीं हुआ जहर का असर

दरअसल, जो सल्फास की गोलियां दोनों छात्राओं ने निगली वह अनाज में रखी हुई थी जोकि काफी पुरानी हो गई थी। अनाज में रखने के कारण उनकी गैस निकल चुकी थी। इसके साथ ही गोलियां निगलने के बाद उन्हें मौके पर ही उल्टियां भी लग गई। इसीलिए जो गोलियां निगली वह भी निकल गई। इसीलिए दोनों की जान बच गई।

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मैं खुद स्कूल गया था। छात्राओं के परिजनों ने बताया कि महक ने पारिवारिक कारणों से सल्फास निगला है, लेकिन मानसी ने क्यों निगला इस बात का अभी नहीं पता। आज इनका ¨हदी का पेपर जरूर था। कल पता कर लिया जाएगा कि इनकी पिछली मासिक परीक्षाओं की क्या रिपोर्ट है।

सल्फॉस ब्रांड नेम है। इसमें जो जहर होता है वह एल्मीनियम फॉस्फाइड होता है। इसे खाने के बाद पेट में यह फॉसजीन गैस पैदा कर देती है। यह गैस हार्ट पर अटैक करती है जोकि दो घंटे तक पूरे शरीर में फैल जाती है। बीपी कम होने से शॉक में जाने के कारण व्यक्ति मर जाता है। इसकी मात्र एक ग्राम खुराक मौत का कारण बन सकती है। ओपीसी के बाद उत्तर भारत में यह सबसे कॉमन जहर है आत्महत्या करने के लिए। अनाज में रखने और काफी पुरानी होने के कारण गोलियों की गैस निकल जाती है। इस कारण और खाने के तुरंत बाद उल्टी लगने से जान बचने की संभावनाएं बहुत बढ़ जाती हैं।