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छह फेरे हो गए थे और अचानक दुल्हन बोली- नहीं करनी शादी, जानिये क्‍या था माजरा

अंबाला। यहां एक शादी समारोह में दुल्‍हन ने ऐसा कुछ किया कि सबके होश उड़ गए और खुशियों का आलम सन्‍नाटे में तब्‍दील हो गया। शादी समारोह में सब खुश थे, दूल्हे के दोस्त और बराती नाच रहे थे। बैंड बाजे बज रहे थे व आतिशबाजी से आसमान रोशन था। इसके साथ ही शादी के फेरे शुरू हुए। छह फेरे हो गए थे हकि अचानक दुल्‍हन ने शादी करने से इन्‍कार कर दिया। लोगों ने बहुत समझाया, लेकिन वह टस से मस नहीं हुई और दूल्‍हे को मायूस लाैटना पड़ा। लड़की को किसी और से प्‍यार था।

परिजनों के साथ कालका से शादी के लिए अंबाला पहुंची थी युवती

घटना अंबाला छावनी क्षेत्र का है। यहां फिनिक्‍स क्‍लब में एक शादी समारोह चल रहा था। कालका की एक युवती की शादी अंबाला छावनी के साथ थी। बैंड बाजों के साथ दूल्हे की बरात विवाह स्थल पर पहुंची। विवाह की रस्‍में शुरू हुई दुल्‍हन की बहनों व सहेलियों ने दूल्‍हे से रिबन काटने की रस्म अदा करवाई। पंडाल में बरातियों ने खाना खाया और रिश्तेदारों का मिलन हुआ।

दूल्हा-दुल्हन जिंदगी भर के बंधन में बंधने के लिए अब फेरों की रस्म अदा करने अग्निकुंड के समक्ष पहुंचे। पंडित ने दूल्हा दुल्हन को फेरों के लिए खड़ा किया। छह फेरे हो गए थे और सातवां व अंति फेरा शुरू हाेना था कि अचानक दुल्‍हन ने जो कुछ कहा उससे दूल्‍हा सहित वहां मौजूद सारे लोगों को सांप सूंघ गया। दुल्‍हन ने सातवां फेरा लेने से साफ इन्‍कार कर दिया। वह बोली, मुझे शादी नहीं करनी। एकाएक शहनाइयों वाले पंडाल में सन्नाटा पसर गया था।

शादी के लाल जोड़े में सजी दुल्हन को उसकी बहन ने समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी। दुल्‍हन अपनी बहन से बोली कि तुमने तो खुद लव मैरिज कर ली और अब मुझे समझाने में लगी हो। परिजनों और रिश्‍तेदारों ने भी उसे बहुत समझाया, लेकिन उसकी किसी की एक न सुनी। इसके बाद दुल्हन वहां से अपने कमरे की तरफ दौड़ती हुई चली गईं।

इसके बाद खुलासा हुआ कि मामला प्रेम प्रसंग है। लड़की को किसी और से प्रेम संबंध थे और वह उससे शादी करना चाहती थी। परिजनों के दबाव में वह शादी करने को तैयार हो गई थी, लेकिन ऐन समय पर उसने एेसा कदम उठा लिया।

इसके बाद दूल्हे पक्ष के लिए शादी का कोई मतलब नहीं रह गया था। बराती एक दूसरे से कह रहे थे कि अगर शादी नहीं करनी थी तो फिर इतनी बदनामी कराने की भी क्या जरूरत थी। इन्कार ही करना था तो पहले कर दिया होता। हालांकि, अभी तक इस मामले में दूल्हा पक्ष द्वारा किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की कोई सूचना नहीं मिली है।

दूल्हे के दोस्त और बराती नाच रहे थे। आतिशबाजी से आसमान रोशन था। 
दूल्हा-दुल्हन ङ्क्षजदगी भर के इस बंधन में बंधने के लिए अब फेरों की रस्म अदा करने एक दूसरे के सामने पहुंचे। पंडित ने दूल्हा दुल्हन को फेरों के लिए खड़ा किया। छह फेरे हो गए थे और एक दूसरे का जीवनसाथी बनने के लिए बस एक ही फेरा बाकी था। मगर सातवें फेरे से ऐन पहले लड़की बोली, मैंने शादी नहीं करनी। एकाएक शहनाइयों वाले पंडाल में सन्नाटा पसर गया था। यह घटना सोमवार रात छावनी के फिनिक्स क्लब में घटी।
शादी के लाल जोड़े में सजी दुल्हन को उसकी बहन ने समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी।  लड़की अपनी बहन से बोली कि तुमने तो खुद लव मैरिज कर ली और अब मुझे समझाने में लगी हो। इसके बाद दुल्हन वहां से अपने कमरे की तरफ दौड़ती हुई चली गईं। मामला प्रेम प्रसंग का सामने आने के बाद दूल्हे पक्ष के लिए शादी का कोई मतलब नहीं रह गया था। बराती एक दूसरे से कह रहे थे कि अगर शादी नहीं करनी थी तो फिर इतनी बदनामी कराने की भी क्या जरूरत थी। इन्कार ही करना था तो पहले कर दिया होता।