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प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे में झोल ही झोल

सोनीपत : प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे एजेंसी पर निगम अधिकारियों की मेहरबानी आम लोगों के लिए तो परेशानियों का सबब बनी हुई है। इससे निगम के कर्मचारी भी अछूते नहीं है। सर्वे एजेंसी की लापरवाही के मामले बार-बार उजागर हो रहे हैं।

बावजूद इसके कार्रवाई तो दूर गलती को सुधारने के लिए भी निगम अधिकारियों की ओर से सर्वे एजेंसी पर कोई दबाव नहीं डाला जा रहा है। एजेंसी की लापरवाही का आलम यह है कि निगम में ही कार्यरत एक भवन निरीक्षक के मकान का भी सर्वे गलत हुआ है। सोमवार को प्रॉपर्टी सर्वे में हुई गड़बड़ी को ठीक कराने आए कई लोग तो यह कहते हुए वापस लौट गए कि जब निगम के कर्मचारी ही खुद के प्रॉपर्टी का सर्वे ठीक कराने को धक्के खा रहे हैं तो उनकी कहां सुनवाई होगी।

सर्वे एजेंसी की लापरवाही दर्शाने के लिए यह एक ही मामला काफी है। निगम में ही नियुक्त एक भवन निरीक्षक का मकान 103 गज में है जबकि एजेंसी ने जो सर्वे रिपोर्ट नगर निगम को सौंपी है उसने मकान को 17 गज ज्यादा दिखाया गया है। पूरे शहर के भवनों का रिकार्ड बनाने वाला भवन निरीक्षक अपने ही कार्यालय में खुद के भवन का रिकार्ड ठीक करवाते फिर रहे हैं। ऐसे में आम लोगों को कितनी दिक्कत उठानी पड़ रही होगी इसे सहज ही समझा जा सकता है।

शहर के सुभाष चौक के पास रहने वाले पर¨वद्र ने वर्ष 2016-17 का हाउस टैक्स भरने के दौरान ही एडवांस में ही वर्ष 2017-18 का भी टैक्स भर दिया था। लापरवाही का आलम ये है कि एडवांस काटना तो दूर पिछला बिल को बकाया दर्शाते हुए इस बार दोगुना बिल भेज दिया गया। बिल अदा करने के बावजूद साढ़े 21 हजार रुपये का बिल देख निगम पहुंचे पर¨वद्र को बिल ठीक कराने को चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।