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तीन घंटे देरी से पहुंची बॉयोमीट्रिक पहले दिन 57 में से 18 हुए डग में पास

हरियाणाकर्मचारीचयन आयोग द्वारा बस चालकों की भर्ती के लिए प्रेक्टिकल टेस्ट लिया गया। यह टेस्ट रोडवेज डिपो में बनी कार्यशाला में लिया गया। इसमें प्रदेशभर से 57 अभ्यार्थियों ने टेस्ट में हिस्सा लिया। पहले दिन 60 अभ्यार्थियों का टेस्ट होना था। कर्मचारी चयन बोर्ड जिला प्रशासन के अधिकारियों की निगरानी में अभ्यार्थियों का टेस्ट लिया गया। इसमें डक टेस्ट में केवल साढ़े 31 प्रतिशत अभ्यार्थी ही पास हो पाए। इसमें टेस्ट देने आए कुल अभ्यार्थियों में से 18 अभ्यार्थी ही पास हुए। 

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा चालकों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा के बाद 4 से 15 दिसंबर तक अभ्यार्थियों के प्रेक्टिकल टेस्ट लिए जा रहे हैं। इसके तहत प्रतिदिन 60 अभ्यार्थियों का टेस्ट लिया जा रहा है। इस टेस्ट के लिए प्रदेशभर में करीब 16 सेंटर बनाए गए हैं। इसमें कैथल के लिए डिपो कार्यशाला को चयनित किया गया है। टेस्ट के लिए कैथल डिपो में दो बसें लगाई गई हैं। टेस्ट के दौरान करीब 15 कर्मचारियों को ड्यूटी पर तैनात किया गया। इन कर्मचारियों द्वारा अभ्यार्थियों की डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन अन्य संबंधित कार्य किए गए। अभ्यार्थियों का 10वीं पास का प्रमाण पत्र, तीन वर्ष पुराना लाइसेंस तीन साल का अनुभव प्रमाण पत्र जांचा गया। बस चलाते हुए 8 का अंक बनाने का टेस्ट सोमवार को केवल 8 अभ्यार्थियों ने दिया। इसमें से केवल 6 अभ्यार्थियों ने ही इसे पास किया। इससे पूर्व अभ्यार्थियों का डग टेस्ट लिया गया। इसमें बस को पीछे चलाते हुए रैंप पर चढ़ाना था। डगटेस्ट में पास हुए 18 अभ्यार्थियों में से 8 ने सोमवार को टेस्ट दिया जबकि 10 अन्य अभ्यार्थियों का टेस्ट मंगलवार को लिया जाएगा। 

टेस्ट की करवाई गई वीडियोग्राफी 

इसबार चालक का पद पाने के लिए अभ्यार्थियों को कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ रहा है। टेस्ट देते समय बस चलाते हुए अभ्यार्थियों की सीसीटीवी वीडियोग्राफी कैमरों से वीडियोग्राफी करवाई गई ताकि टेस्ट पूरी पारदर्शिता के साथ पूर्ण हो सकें। टेस्ट के दौरान कैथल एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह, जीएम रोडवेज रामकुमार डब्ल्यूएम कैथल मौके पर मौजूद रहे। 

तीनघंटे देरी से शुरू हुआ टेस्ट : अभ्यार्थियोंका सोमवार को होने वाला टेस्ट सुबह नौ बजे शुरू होना था, लेकिन बॉयोमीट्रिक देर से आने की वजह से टैस्ट करीब तीन घंटे देरी से शुरू किया गया। टेस्ट की शुरुआत दोपहर 12 बजे के बाद की गई। 

^पहले दिन उम्मीदवारों के टेस्ट कुछ देरी से शुरू हुए। बॉयोमीट्रिक वेरिफिकेशन करने वाला कर्मचारी देरी से पहुंचा। अब सिस्टम ठीक हो चुका है, आगे से टेस्ट सुबह समय पर शुरू हो जाएगा। टेस्ट के लिए उनकी ड्यूटी लगाई गई है और उनकी देखरेख में ही टेस्ट लिए जा रहे हैं। कैप्टनशक्ति सिंह, एडीसी कैथल।