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शहादत के बाद भी भावी पीढ़ी का मार्गदर्शन कर रहे हैं मेजर राजीव जून

रोहतक :भारतीय सेना के सर्वोच्च सम्मान अशोक चक्र, कीर्ति चक्र एवं शौर्य चक्र विजेता रोहतक जिले के वीर सपूत शहीद मेजर राजीव जून की 48वीं जयंती उनके पैतृक गांव गद्दी खेड़ी में पांच दिसंबर को मनाई जाएगी। इस कार्यक्रम में स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को भी सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न शिक्षापरक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। स्कूली बच्चों के लिए विशेष प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जाती हैं तथा आसपास के गांवों के होनहार स्कूली बच्चों एवं उनके अभिभावकों को भी सम्मानित किया जाता है।

शहीद मेजर राजीव जून के भाई परमजीत जून उर्फ बंटू ने बताया कि इस मौके पर आयोजित किए जाने वाले समारोह में रोहतक के ए.डी.सी. अजय कुमार के अलावा भारतीय सेना से कई सीनियर ऑफिसर शिरकत कर शहादत को नमन करते हुए देश की भावी पीढ़ी का मार्गदर्शन करेंगे। यहां बताते चलें कि मेजर राजीव कुमार जून का जन्म रोहतक जिले के गांव गद्दी खेड़ी में किसान धर्म¨सह एवं शांतिदेवी के घर पर 5 दिसम्बर 1969 को हुआ था। उनके भाई परमजीत बंटू ने बताया कि राजीव की शिक्षा कुंजपुरा करनाल स्थित सैनिक स्कूल में हुई और जून 1989 में उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एन.डी.ए.) में प्रवेश किया।

6 सितंबर 1994 को अनंतनाग जिले में वे फिर से आतंकवादियों से भिड़ गए। अपने साथियों को भी आतंकियों से बचाया और अकेले दम पर कई आतंकियों को भून डाला। इसी दौरान आतंकियों की ओर से की गई फाय¨रग में मेजर राजीव जून को कई गोलियां लगी और वे लहूलुहान हो गए मगर अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए उन्होंने आखिरी सांस तक आतंकियों का संहार जारी रखा और भारत मां की चरणों में अपने आप को न्यौछावर करके रोहतक जिले और अपने गांव तथा परिवार का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिख गए। शहादत से पूर्व दिखाए गए पराक्रम को देखते हुए मेजर राजीव जून को मरणापरांत भारत के राष्ट्रपति महोदय ने सेना के सर्वोच्च सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया।