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बनभौरी मंदिर के सरकारीकरण के विरोध में उतरा पंजाबी समाज

हिसार : सरकार की ओर से बनभौरी धाम स्थित मंदिर के अधिग्रहण की खबर के बाद कई समाज के लोग विरोध में उतर आए हैं। इसी कड़ी में पंजाबी धर्मशाला में पंजाबी समाज के लोगों की बैठक प्रेम चौधरी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार का यह फैसला बेहद हैरान करने वाला है। सरकार का ध्यान मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारों पर क्यों नहीं जाता। केवल ¨हदुओं को ही निशाना बनाया जा रहा है। जो परिवार चार सौ साल से मंदिर में पूजा अर्चना कर अपना भरण-पोषण करता आया है, अब उस पर भी सरकार की तिरछी नजरें हैं। सरकार की यह धारणा की मंदिर में चढ़ावा अधिक आता है तथा अव्यवस्थाओं का आलम है, मात्र कुछ लोगों द्वारा बहकाया गया है। सरकार ने जल्दबाजी में गलत निर्णय लिया है। वक्ताओं ने कहा कि इससे पहले भी पिछली सरकार ने यह गलती की थी, जिसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ा। वही गलती मौजूदा सरकार दोहरा रही है। पंजाबी नेता प्रेम चौधरी, तिलक हसीजा और मुकेश चावला ने कहा कि सरकार बिना किसी वजह से मंदिर के नाम पर ¨हदुओं पर हमला कर रही है। ईश अरोड़ा, देवराज खुराना, प्रेम अरोड़ा तथा अनिल रहेजा आदि ने एक सुर में कहा कि शीघ्र ही समाज के लोग बड़ा प्रदर्शन कर सरकार के इस तुगलकी फरमान का विरोध जताएंगे। वे जब तक शांत नहीं बैठेंगे तब तक की सरकार अपने इस गलत निर्णय को वापस नहीं ले लेती।