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भूना शुगर मिल पर किसान व मुख्यमंत्री होंगे आमने-सामने

किसान भूना शुगर मिल को पिछले कई सालों से दोबारा शुरू करवाने के लिए लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। अब वे भूना शुगर मिल दोबारा शुरू करवाने की मांग मुख्यमंत्री के सामने भी रखेंगे। इसलिए वे मुख्यमंत्री मनोहर लाल से 9 दिसंबर को मिलेंगे। एक दिन पहले 8 दिसंबर शुक्रवार को भूना शुगर मिल के बाहर एकत्रित होंगे। किसानों का कहना उनकी मुख्यमंत्री से बहुत आस है। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री किसान हित में मिल को दोबारा शुरू करवा देंगे। गन्ना की खेती में ही बचत है सरकार को किसान हित में इसे शुरू करवाना ही होगा।

गन्ना औद्योगिक फसल होने के कारण कभी भी जमींदार को खेती में घाटा नहीं लगता। गन्ना लगा दिया तो उत्पादन अवश्य होगा। यूं कहें कि इस फसल को बोने वाले किसान को कभी भी खेती में घाटा नहीं देखना पड़ा। अब तो प्रति एकड़ लाखों रुपये का उत्पादन होता है। वैज्ञानिक विधि से गन्ना लगाया जाए तो उत्पादन दोगुना हो जाता है।

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12 हजार एकड़ में गन्ना की खेती :

जिले के शुगर मिल न होने के बाद भी बड़ी संख्या में गन्ना की खेती की जा रही है। इस बार 12 हजार एकड़ में गन्ना की फसल बोई हुई है। अकेले फतेहाबाद जिले में 7 हजार एकड़ में गन्ने की फसल बोई हुई है। पांच हजार एकड़ में सिरसा व हिसार जिले में गन्ने की फसल बोई हुई है। जो क्षेत्र भी भूना शुगर मिल के अधीन आता है।