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ये कैसा अभियान, वर्षो पुरानी समस्या, 3 दिन में समाधान

फतेहाबाद : सरकार ने माना है कि खुले में शौच देश की बहुत बड़ी समस्या है। इस समस्या के निवारण के लिए बड़े स्तर पर प्रयास करने की जरुरत है। मगर अजीब स्थिति है कि निचले स्तर पर यह मुहिम सिर्फ कागजों से शुरू होती है और कागजों में सिमट जाती है।

गांवों को खुले में शौच से मुक्ति के लिए प्रशासन प्रधानमंत्री से सम्मानित हो चुका है। अब शहरों को मुक्त करने की बारी आई है। विडंबना है कि अभी तक किसी तरह का प्रयास शुरू नहीं हुआ और शहरों को 30 जून तक खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया जाएगा। सवाल तो ये है कि वर्षो पुरानी समस्या का समाधान होगा कैसे? क्योंकि दिन महज तीन बचे हैं। छुट्टी के दिन काम होता नहीं। सोमवार यानी 26 जून को अवकाश है। इसके बाद 27 से 29 तारीख तक का समय बचता है। जबकि 20 फीसद शहरी आबादी आज भी खुले में शौच जाती है।

कई कालोनियों में घरों में शौचालय तक नहीं है। शहरों में सार्वजनिक शौचालयों की हालत पहले ही इतनी खस्ता है कि उनका इस्तेमाल किया नहीं जा सकता।