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दो पाटों में फंसे निगम आयुक्त बोले-हमें बचाओ मंत्रीजी

अंबाला शहर : तीन साल में पहली बार सोमवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक 35 दिन के भीतर हुई। कुल तेरह शिकायतों में से 11 का निपटारा कर दिया गया, जबकि कई शिकायतकर्ता असंतुष्ट दिखे। दो शिकायतों के निपटान में मंत्री सहित तमाम अधिकारियों के पसीने छूट गए। अंबाला छावनी के हलवाई बाजार में सतीश ¨जदल और सुरेंद्र ¨जदल के एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप से नगर निगम आयुक्त सत्येंद्र दूहन परेशान दिखे। आज भी दोनों पक्ष मंत्री के सामने दुखड़ा रोने लगे तो बीच में नगर निगम के आयुक्त को यह तक कहना पड़ गया कि मंत्रीजी, हमें इस मामले से बचाओ, हम एक पर कार्रवाई करते हैं तो दूसरा मिलीभगत के आरोप लगाता है, सीएम ¨वडो की शिकायत का निपटारा न होने के कारण हमें कार्रवाई का डर रहता है। बैठक से 12 अफसरों ने किनारा कर लिया, जिसके चलते मंत्री ने सभी से स्पष्टीकरण मांगा है। इससे पहले पंवार दोपहर 1 बजकर 11 मिनट पर पहुंचे, बैठक 1:50 तक चली।

अगली बार ऐसा हुआ तो मौके पर सस्पेंड करके जाऊंगा

बैठक में बिना किसी कारण के उपस्थित न होने पर जिला नापतोल विभाग के अधिकारी, जिला सैनिक बोर्ड के अधिकारी, एआरओ नारायणगढ़ के खिलाफ एक्सप्लेशन काल लेटर जारी करने का आदेश पंवार ने दिया। वहीं हरियाणा शेड्यूल कास्ट मैनेजर, कॉओपरेटिव बैंक, अंबाला छावनी के जीएम व कल्पना चावला पॉलीटेक्निक की ¨प्रसिपल के बैठक में नहीं पहुंचने के कारणों की जांच का आदेश दिया। जिला शिक्षा अधिकारी उमा शर्मा और बीडीपीओ शहजादपुर भी नहीं पहुंचे, लेकिन डीसी से इन्होंने छुट्टी ली थी इसीलिए इन पर मंत्री की गाज नहीं गिरी।

कुल 12 विभागाध्यक्ष बैठक से नदारद रहे

पंवार ने कहा कि बैठक शुरू होते ही कहा कि क्या सभी हेड आफ द डिपार्टमेंट यहां मौजूद हैं? इस पर सबसे पहले शिक्षा विभाग से खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी छुट्टी पर हैं, उनकी जगह मैं आया हूं। दूसरे नंबर पर कल्पना चावला पॉलीटेक्निक के कर्मी ने बताया कि ¨प्रसिपल छुट्टी पर हैं लेकिन डीसी के नोटिस में नहीं था। इसके बाद नापतोल विभाग से कमल ने बताया कि कंट्रोलर ने असिस्टेंट कंट्रोलर को बैठक में आने के लिए बोला था और असिस्टेंट ने मुझे भेज दिया, हर बार मेरे साथ ऐसा ही होता है। इस पर मंत्री ने कंट्रोलर की एक्सप्लेशन काल कर दी। एआरओ नारायणगढ़ की जगह आए प्रतिनिधि से जब पूछा गया तो उसने बताया कि सर तो कार्यालय में ही हैं इस पर उनके एक्सप्लेशन भी कर दी गई। मंत्री ने कहा कि इस बार तो ऐसे ही छोड़ दिया, लेकिन अगली बार ऐसा हुआ तो सस्पेंड करके ही जाउंगा। मुझे हर हाल में इस बैठक में एचओडी की 100 फीसदी उपस्थिति चाहिए।

इन दो मामलों में उलझे अधिकारी और मंत्री

मामला नंबर एक:

108 बार कर चुका है सीएम ¨वडो पर शिकायत: आयुक्त

हलवाई बाजार में दुकान नंबर 5137 निवासी सुरेंद्र ¨बदल ने आरोप लगाया है कि सतीश ¨जदल की उसकी दुकान के साथ मनियारी की दुकान है। सतीश उसकी झूठी शिकायतें कर उसकी दुकान को हड़पना चाहता है। इस मामले में नगर निगम के कर्मचारी भी उसका साथ दे रहे हैं। इस बारे में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी मामला लंबित है। यह बात बताने के बावजूद उसे निगम कर्मी परेशान कर रहे हैं। इस पर आयुक्त ने सफाई देते हुए का कि सुरेंद्र 108 पर सीएम ¨वडो पर शिकायत कर चुका है। हम सुनील कुमार पर जुर्माना भी लगा चुके हैं। सुनील कुमार ने कहा कि निगम कर्मी गलत कार्रवाई कर रहे हैं। इस पर आयुक्त ने कहा कि मंत्री जी, हमें बचा लो, क्योंकि सीएम ¨वडो की शिकायत पर कार्रवाई नहीं करते तो हम पर कार्रवाई होने का डर रहता है और यदि करते हैं तो दूसरा पक्ष हम पर मिलीभगत के आरोप लगता है। इस पर सुरेंद्र ने कहा कि मंत्री जी, मैं शपथ पत्र देने के लिए तैयार हूं, आयुक्त गलत बोल रहे हैं? तीन बार से ज्यादा सीएम ¨वडो पर शिकायत नहीं दी। वहीं, सुनील ने नगर निगम अधिकारियों पर गलत कार्रवाई का आरोप लगाया। इससे पहले नगर निगम आयुक्त ने बताया कि शिकायतकर्ता की ट्रंक की दुकान है और जब वह दुकान खोलता है तो उसे ट्रंक निकालने पड़ते हैं और दूसरा पक्ष उसकी फोटो कर लेता है? जब हम जाते हैं तो ट्रंक मिलते ही नहीं, क्योंकि वह सुबह ही बाहर निकालता है। इस तरह हमारे साथ भी लुका-छिपी चल रही है। मंत्री ने डीएसपी सुरेश कौशिक को जांच के आदेश देते हुए कहा कि जो दोषी हो उसके खिलाफ मामला दर्ज करो।