News Description
गांव की टूटी सड़कें दे रही हादसों को न्यौता

सीवन के गांव रसूलपुर में विकास की कमी के कारण गांव के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में समस्याओं की भरमार है। गांव से दूसरे गांव में जाने वाली अधिकतर सड़कें टूटी पड़ी हैं। गांव में इन सड़कों को कई साल पहले बनाया गया था, लेकिन अब सड़कें जगह-जगह से टूट चुकी हैं। बारिश के मौसम में सड़क पर पानी जमा हो जाता है। ऐसे में टूटी हुई सड़क दिखाई नहीं देती, जिस कारण वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। रात के समय भी टूटी सड़क होने के कारण हादसे हो जाते हैं। गांव रसूलपुर से ककराला को जाने वाली सड़क की हालत बिल्कुल खराब है। रसूलपुर गामड़ी से गांव डोहर का रास्ते को बार-बार मांग करने पर भी पक्का नहीं किया जा रहा है। गांव में जगमग योजना के बाद भी बिजली कम आ रही है और बिजली का बिल ज्यादा आ रहा है। गांव में सरकारी बस भी एक ही समय आती है वह भी कई बार समय पर नहीं पहुंच पाती। इन समस्याओं के समाधान के लिए गांव के लोग कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो रहा है।

बॉक्स

रसूलपुर से ककराला सड़क की हालत बहुत खराब है। दुपहिया वाहन चालक कई बार गिरकर चोटिल हो चुके है। विभाग ने लिपा-पोती करने के लिए आगे और पीछे से पैच वर्क का काम कर अपने बिल तो बना लिए, लेकिन बीच में सारी सड़क टूटी हुई है। गांव के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

लख¨वद्र ¨सह

बॉक्स

जगमग योजना के तहत बिजली विभाग बिल तो अधिक वसूल कर रही है, लेकिन बिजली सुचारू रूप से नहीं मिल रही है। गांव में रहने वाले डेरा जात के लोगों को बिजली का नया कनेक्शन तक नहीं दिया जा रहा। गांव के लोग खेत की लाइन के लिए नए कनेक्शन मांगते हैं तो विभाग के अधिकारी उन्हें मना कर देते हैं।