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ट्रैक्टर को कमर्शियल वाहन घोषित करना किसान विरोधी तुगलकी फरमान: करोड़ा

कैथल  इनेलो जिलाध्यक्ष पंडित कंवरपाल करोड़ा ने कहा कि पराली जलाने के खिलाफ सरकार ने जिन किसानों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए है उन्हें वापस लिया जाए व भविष्य में उन यंत्रों को सरकार अपने खर्च पर किसानों को उपलब्ध करवाए, जिसके प्रयोग से पराली को जलाने की समस्या का समाधान हो सके। अपने जनसंपर्क अभियान के तहत हलके के विभिन्न गांवों में पार्टी की नीतियों का प्रचार करते हुए करोड़ा ने कहा कि नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों द्वारा अब यह साबित हो चुका है कि प्रदेश की भाजपा सरकार नकारा है और अपने मूलभूत क‌र्त्तव्य को निभाने में असफल है। प्रदेश में कानून नाम की कोई चीज नहीं है। सरकार के जनविरोधी फैसलों के चलते सरकार के प्रति हर वर्ग में भारी रोष है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ट्रैक्टर को कमर्शियल वाहन घोषित करना किसान विरोधी तुगलकी फरमान है, जिसकी जितनी ¨नदा की जाए कम है। केंद्र सरकार ने किसानों की कमर तोड़ने के लिए ट्रैक्टर को कमर्शियल वाहन घोषित कर किसान विरोधी होने का पुख्ता सबूत दिया है। इससे अब जब भी किसान अपनी खेतों से संबंधी कार्य से मंडी में जाएगा आर उसे यदि किसी टोल अवरोधक को पार करना होगा तो उसे अपने ट्रैक्टर के लिए वही रकम देनी होगी जो कोई ट्रक या अन्य कमर्शियल वाहन देते है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि इनैलो सरकार की किसान विरोधी नीतियों का पूरा विरोध करती है। भाजपा कांग्रेस सरकार की राह पर चलते हुए किसानों को बर्बाद करने में लगी है। चुनाव से पूर्व स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का राग अलापने वाली भाजपा सरकार सत्तासीन होते ही आयोग की रिपोर्ट लागू करना तो दूर की बात ठंडे बस्ते में डालकर किसानों की पीठ में छुरा घोंपा है।