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दस में से छ: खनन कंपनियों ने नहीं भरी फीस, फिर भी खनन जारी

सोनीपत :लाइसेंस रद होने के बाद बावजूद खनन का प्रयास कर रही कंपनी टेक्नो एक्सपोर्ट साउंड कंपनी के खिलाफ दर्ज हुए मामले ने खनन विभाग को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। खनन विभाग के अधिकारी खुद मान रहे हैं कि दस में से छह कंपनियों ने पहली किश्त जमा करवाने के बाद कोई किश्त जमा नहीं कराई है, जिसके चलते छह कंपनियों को अगस्त माह में ही खनन रोकने के आदेश दिए गए हैं। बावजूद इसके यमुना में खनन जारी है, जो न केवल मामले को संदिग्ध बना रहा है, बल्कि खनन के नाम पर चल रहे बड़े खेल की ओर इशारा भी कर रहा है।

लाइसेंस रद होने के बावजूद रेत उठाने के प्रयास का मामला सामने आने के बाद टेक्नो एक्सपोर्ट साउंड नाम की खनन कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। विभागीय अधिकारी का आरोप था कि टेक्नो एक्सपोर्ट साउंड कंपनी ने वर्ष 2015 के जनवरी माह में हुई आवंटन बोली में खनन का ठेका लिया था। उसी साल दिसंबर में एक माह की ठेका राशि जमा करवा खनन का कार्य शुरू किया था। इसके बाद कंपनी ने कभी राशि जमा नहीं कराई ,जिसके चलते इस साल 21 अगस्त को कंपनी को खनन बंद करने का आदेश विभाग की ओर से दिया गया था। अब 30 नवंबर को उन्हें सूचना मिली की कंपनी की ओर से खनन के लिए रास्ता बनाने की कोशिश की जा रही है।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि फीस जमा कराने से बचने के लिए उक्त कंपनियों ने बारिश व यमुना में जल स्तर का हवाला देकर कोर्ट की शरण ली है। कंपनियों ने कोर्ट से अपील की है कि बारिश व यमुना का जल स्तर बढ़ने से बालू खनन कई दिनों तक बंद रहा, इसलिए उन्हें टेंडर के रेट में कुछ रियायत दी जाए। हालांकि अभी यह मामला कोर्ट के विचाराधीन है और अब बालू खनन को वहां से काई आदेश नहीं दिया गया है। इस बीच विभाग ने फीस जमा नहीं कराने के कारण कंपनियों के बालू खनन पर रोक लगा दी है, जिसका धड़ल्ले से उल्लंघन हो रहा है।