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आजादी के बाद से किसी भी पार्टी ने पूर्व सैनिक के बारे में नहीं सोचा

झज्जर : शहर के जहांआरा बाग स्टेडियम में सबका सैनिक संघर्ष कमेटी के तत्वावधान में जवान चेतना रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में सिर्फ जवान व जेसीओ शामिल रहे।

रैली में सभी वक्ताओं ने एक ही स्वर में कहा कि देश आजाद होने के बाद आज भी किसी भी राजनैतिक पार्टी ने सैनिकों के लिए कुछ नहीं किया है। सेना के पूर्व अधिकारी जवानों की भीड़ दिखाकर केंद्र सरकार से सिर्फ अधिकारी वर्ग के लिए मांगे मनवा जाते हैं। वक्ताओं ने कहा कि एक रैंक एक पेंशन में भी जवानों के साथ धोखा किया है। यह बात सबका सैनिक संघर्ष कमेटी पंजाब के अध्यक्ष हरपाल ¨सह ने रैली को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने बताया कि आजाद भारत में गुलामों वाले कानून बदले जाए। देश में जहां 1957 वाला कानून लागू है, वहीं सेना में अभी भी 1924 का ब्रिटिश रूल लागू है। जिसकी वजह से जवानों का शोषण होता है और जवान आत्महत्या तक करने पर मजबूर हो जाता है। पूर्व सैनिकों ने कहा कि 2014 में पूर्व सैनिकों ने बड़ी उम्मीद के साथ मोदी सरकार को वोट दिया था। मोदी ने कहा था कि जवानों के अच्छे दिन आने वाले हैं। लेकिन हुआ उल्ट ही। जिस सेना के जवान ने खामियां बताई उसी को सेना से बाहर कर दिया गया।

इस मौके पर सुबेदार मेजर एसपी गोसामल, यूपी अध्यक्ष सतीश कुमार, दिल्ली अध्यक्ष नलिन तलवार, चंडीगढ़ अध्यक्ष कैप्टन मुलतानी, प्रदेशाध्यक्ष कपिल कुमार ने भी रैली का संबोधित किया। कपिल कुमार ने बताया कि 4 दिसंबर को जिला उपायुक्त को ज्ञापन भी दिया जाएगा। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। वे अपने हकों की लड़ाई लड़ रहे हैं।