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धरी रह गई शादी की तैयारियां, सैनिक सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

झज्जर : गांगटान गांव निवासी रामनिवास के परिवार दुखों का पहाड़ उस समय टूट पड़ा जब अपनी ही शादी के कार्ड बांटने गए उनके इकलौते पुत्र की उत्तर प्रदेश के फतेहगढ़ में हुई सड़क दुर्घटना के दौरान मौत हो गई। भारतीय सेना में नायक के पद पर कार्यरत योगेश की शादी की तैयारियों जोरों पर चल रही थी। जब उनके परिवार को उसकी मौत सूचना मिली तो एक पल में ही शादी की खुशियां मातम में बदल गई। रविवार को योगेश का शव फतेहगढ़ यूपी से उनके पैतृक गांव गांगटान में लाया गया और गमगीन माहौल में इस सैनिक का सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। डीघल पुलिस के जवानों ने उसे सलामी दी।

जानकारी अनुसार बेरी के गांगटान गांव निवासी 23 वर्षीय योगेश पुत्र रामनिवास यूपी के फतेहगढ़ में 6 राजपूत रेजीमेंट में कार्यरत था। योगेश 19 नवंबर का 27 दिन की छुट्टी आया था। 10 दिसंबर को उसकी शादी निर्धारित की गई थी। परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थी। इसी दौरान योगेश अपनी शादी के कार्ड बांटने ही दो रोज पूर्व फतेहगढ़ गया था। लेकिन वहां जब वह अपने मिलने वालों को व साथियों को कार्ड बांटने जा रहा था तो उसी दौरान उसकी सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। योगेश की मौत की सूचना जैसे ही उसके परिजनों को मिली तो एक तरह से उनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट गया। शनिवार को जब उसके परिवार को जब सूचना मिली तो उसका परिजन फतेहगढ़ यूपी के लिए रवाना हो गए थे। रविवार को योगेश के शव का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद गांव में लाया गया। डीघल चौकी इंचार्ज सुंदरपाल के नेतृत्व में पहुंची पुलिस की टुकड़ी ने सैनिक को अपने शस्त्र उलटे कर, मातमी धुन बजाकर सलामी दी। योगेश के चाचा विरेंद्र ने बताया कि योगश रामनिवास का इकलौता पुत्र था और उससे छोटी एक लड़की है। रामनिवास भी सेना में कार्यरत रहा है।