#घाटी में आतंकवाद को नई धार देने की फिराक में हाफिज         # 26/11 जैसे हमलों को रोकने के लिए तैयार भारत, सैटेलाइट के जरिए पकड़े जाएंगे संदिग्ध         # पद्मावती के विरोध में किले में लटका दी लाश, पत्थर पर लिख दी धमकी         # हरियाणा के 13 जिलों में तीन दिन के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद         # जनहित याचिकाओं के गलत इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित, संशोधन पर विचार         # ऑड-ईवन योजना में दिल्ली के साथ NCR के दूसरे शहर भी होंगे शामिल :EPCA         # UP निकाय चुनावों में EVM की विश्वसनीयता पर शत्रुघ्न सिन्हा ने उठाए सवाल         # पाक की बेशर्मी, फूलों से सजी गाड़ी से पहुंचा आतंकी हाफिज, लाहौर में मना जश्न        
News Description
बिना दस्तावेज डॉक्टरी कराने पहुंचे उम्मीदवार, लौटाए गए तो चार घंटे बाद दोबारा आए

रोहतक। वर्ष 2016 में पुलिस भर्ती की लिखित और फिजिकल परीक्षा में पास हुए 112 उम्मीदवारों का रविवार को जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण किया गया। जवानों का नेत्र, ईएनटी, आर्थो और फिजीशियन आदि विभाग के डॉक्टरों ने स्वास्थ्य जांचा। दरअसल, उम्मीदवार सुबह आठ बजे ही बिना दस्तावेज लिए अस्पताल पहुंच गए। यहां से लौटाए गए तो दोपहर 12 बजे दोबारा पूरे कागजात लेकर पहुंचे। 

जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे से जवानों की भीड़ लग गई। डॉ. सचिन, डॉ. अश्वनी नागर, डॉ. राजीव मित्तल, डॉ. रमेश, डॉ. सुरेंद्र, डॉ. हरमिंद्र, डॉ. हेमंत मोर, डॉ. राजविंद्र मलिक और डॉ. नताशा ने अपनी सेवाएं दी। अस्पताल में एक्स-रे जांच और पैरा मेडिकल का स्टाफ भी उपलब्ध रहा। जवानों ने बताया कि वे सुबह पहले आठ बजे सीधा जिला अस्पताल पहुंच गए, लेकिन उनके पास कागज नहीं थे।

इसके चलते वे लौटकर पुलिस लाइन गए और वहां से अपने कागजात लेकर आए। दोपहर 12 बजे से सभी की मेडिकल जांच शुरू की गई। गौरतलब है कि रविवार और सोमवार को दो दिन में प्रदेशभर के जिला अस्पतालों में जवानों की मेडिकल जांच होनी है। सोमवार को 113 या इससे अधिक जवानों की मेडिकल जांच की जाएगी।

फीस की राशि पर असमंजस
मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल में ली गई फीस की राशि पर असमंजस बना रहा। उम्मीदवारों ने बताया कि हर व्यक्ति से 350 रुपये लिए गए हैं, जबकि पर्ची 135 रुपये की दी गई है। 
इस संबंध में जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद्र ने बताया कि उन्होंने महज पांच रुपये पर्ची के और 135 रुपये जांच के नाम पर लिए हैं। कहीं कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए स्वयं एक डॉक्टर एक कर्मचारी के साथ फीस काउंटर पर थे, किसी से अतिरिक्त पैसे नहीं लिए गए। हालांकि बाद में स्थिति स्पष्ट हुई कि 135 के अतिरिक्त जो चार्ज लिया गया है, उसकी स्लिप सिविल सर्जन कार्यालय में काटी जानी है। वहीं, सूत्रों की मानें तो फीस को लेकर विभाग में आपस में कहासुनी भी हुई है।

बिजली रही गुल, जनरेटर से चला काम
अस्पताल स्टाफ ने बताया कि 12 बजे तक बिजली थी, लेकिन कोई उम्मीदवार नहीं आया। जब उम्मीदवार आए तो बिजली गुल हो गई। बिजली की व्यवस्था करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने डीजल जनरेटर चालू कर काम चलाया।