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बाथरूम में गैस गीजर ने ली महिला की जान

अंबाला : महेश नगर के मकान नंबर एक में रहने वाली 30 वर्षीय कमला पाहवा की जान गैस गीजर ने ले ली। विवाहिता दोपहर बाद सिर धोने और नहाने के लिए बाथरूम गई थी। घटना का खुलासा तब हुआ जब छह वर्षीय बेटा मामा की फोन पर बात कराने के लिए बाथरूम के बाहर पहुंचा और आवाज लगाने के साथ दरवाजा खटखटाया तो उसे कोई हरकत होती हुई नजर नहीं आई। उसने इसकी सूचना पिता मंजीत उर्फ रॉकी को दी। मंजीत ने खिड़की से झांक कर देखा तो उसकी पत्नी बेसुध पड़ी थी।

इस बीच मौके पर पूरा परिवार पहुंच गया और मंजीत ने हथौड़े से दरवाजा तोड़ा। आनन-फानन में महिला को उठाकर एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां नागरिक अस्पताल में रेफर कर दिया। यहां डॉक्टरों ने विवाहिता मृत घोषित कर दिया।

परिजनों ने बताया कि कमला ने घटना से पहले सभी को खुशी-खुशी खाना परोसा और काम खत्म करने के बाद ही वह नहाने के लिए गई थी। उन्हें क्या पता था कि अचानक से उनके सामने मुसीबत का पहाड़ टूटने वाला है। घटना की सूचना मिलने के बाद महेश नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंच कर कार्रवाई शुरू कर दी है। रविवार को अब शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा जाएगा।

भाई को पूछना था सामान लाने के लिए

मृतका के बाथरूम में जाने के बाद उसके भाई का फोन भी मंजीत ¨सह के पास आया था, जो पूछ रहा था कि कोई सामान तो पंचकूला से नहीं लाना है। मंजीत ने फोन बेटे को दे दिया।

खतरनाक है गैस गीजर : एक्सपर्ट

गीजर एक्सपर्ट अश्विनी कुमार ने बताया कि गीजर के बर्नर से पैदा होने वाली आग के कारण बाथरूम में मौजूद ऑक्सीजन कई बार खत्म हो जाती है और कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है और कार्बन मोनोआक्साइड भी बनती है। यह रंगहीन व गंदहीन गैस होने के साथ-साथ बेहद जहरीली होती है। बिना वेंटिलेशन वाले बाथरूम में गीजर से निकलने वाली गैस के कारण खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। इससे शरीर के लगभग सभी अंग प्रभावित होने लगते हैं। दिल तथा दिमाग को जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन न मिलने के कारण व्यक्ति बेहोशी में चला जाता है और उसकी मौत हो सकती है। कम हवादार कमरों में रसोई गैस या ऐसे बाथरूम गैस गीजर के इस्तेमाल से मिर्गी और हार्ट अटैक जैसे कई गंभीर रोगों की आशंका बढ़ जाती है। इसीलिए गैस गीजर को हमेशा बाथरूम के बाहर लगवाना चाहिए। बाथरूम के अंदर पाइप से पानी ले जाना चाहिए।