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मिशन एडमिशन : रि अपीयर स्टूडेंट्स भी अब दाखिले के लिए कर सकेंगे आवेदन

यहउन सैकड़ों विद्यार्थियों के लिए राहत की खबर है जिनका परीक्षा में रि अपीयर आया था और इस बार ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया में उनके आवेदन पर रोक लगी हुई थी। उनके लिए अपना साल बर्बाद होने की नौबत गई थी। उन सभी विद्यार्थियों की परेशानी को समझते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। जिसके तहत उन्हें भी दाखिला प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा, लेकिन यहां महत्वपूर्ण है वह तरीका जिसकी मदद से वे दाखिला प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे। 

ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया के दौरान रि अपीयर स्टूडेंट के मूल अंक के बजाए पास अंक डाले जाएंगे, जिससे विभागीय साफ्टवेयर एडमिशन प्रोसेस को आगे बढ़ा सकेगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों को आवेदन करते समय अपनी सभी जानकारी को संभलकर भरना होगा, क्योंकि एक बार जो डाटा उन्हें फीड कर दिया उसे बदला नहीं जाएगा, सिर्फ रि अपीयर के बच्चों के अंक ही बदले जा सकेंगे। 30 जून तक आवेदन प्रक्रिया संचालित करने के बाद एक से तीन जुलाई तक मेरिट लिस्ट बनाने का काम होगा, जिसे संबंधित कॉलेज को भी विभाग द्वारा दिखाया जाएगा और फिर पांच जुलाई को उसे विभाग जारी कर देगा। 

महिलाकॉलेजों की डिमांड नहीं हुई पूरी, खानपुर से ही मिलेगी डिग्री : शहरके महिला कॉलेजों की एमडीयू से ही जोड़े रखने की डिमांड राज्य सरकार ने पूरी नहीं की है। जिसके बाद अब छात्राओं को मिलने वाली डिग्री पर खानपुर महिला विश्वविद्यालय का ही नाम अंकित होगा। क्षेत्र के महिला कॉलेज इसके पक्ष में इसलिए नहीं थे, क्योंकि वहां एमडीयू के माफिक आधारभूत ढांचा बेहतर नहीं है। इस मसले पर शिक्षा मंत्री से अपील करने के बाद कोर्ट जाने का भी मन बनाया गया था, लेकिन उसका भी कोई लाभ नहीं हुआ। बता दें दाखिला प्रक्रिया में पीजी कक्षा की छात्राओं का रुझान इस बार पुरुष कॉलेजों में रह सकता है। इस बाबत जीवीएम कन्या कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. ज्योति जुनेजा का कहना है कि हमारा काम अपील करने का था, जो हमने की। अब हमारी प्राथमिकता बच्चों को और बेहतर ढंग से शिक्षित करने की रहेगी, वहीं खानपुर महिला विवि से बेहतर संसाधन उपलब्ध करवाने का भरोसा मिला है। 

इस बार विद्यार्थियों का सर्वाधिक रुझान बीकाम से जुड़े कोर्स एवं बीएससी के प्रति ज्यादा है। कॉलेज इससे खुश है कि सीटों से कहीं अधिक आवेदन उन्हें प्राप्त हो चुके हैं, ऐसे में जब मेरिट लिस्ट तैयार होगी तो मेधावी विद्यार्थी कॉलेजों को मिलेंगे। बीकाम आनर्स अधिकांश विद्यार्थियों की फेवरेट बनी हुई है। इसके बाद बीएससी तथा फिर बीए का नंबर आता है। बीबीए एवं बीसीए ऐसे कोर्स हैं, जिनमें इस बार विद्यार्थियों के आवेदन अपेक्षित संख्या में नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में इन कोर्स में कट ऑफ के बजाए ओपन एडमिशन प्रक्रिया रहेगी। कुछ कॉलेज में तो इस बार बीसीए कोर्स संचालित करना भी मुश्किल होगा, क्योंकि वहां तो बीसीए में प्रवेश का खाता तक नहीं खुला है। जबकि कोर्स को 30 आवेदन तो होने ही चाहिएं। 

^रि अपीयर स्टूडेंट्स के आवेदन को भी अब स्वीकार किया जाएगा। इस बाबत शिक्षा विभाग की कॉलेज प्रतिनिधियों संग हुई बैठक में फैसला लिया गया है। चूंकि यह आवेदन प्रक्रिया का अंतिम सप्ताह है इसलिए ईद पर्व के दौरान भी कॉलेज में आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।’’ बीकेगर्ग, प्रिंसिपल हिंदू कॉलेज, सोनीपत। 

सोनीपत .दाखिला प्रक्रिया के दौरान छात्राएं आवेदन फार्म भरने से पूर्व उसके बारे में जानकारी लेती हुई।