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सिरसा व राजस्थान पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में ढेर किया कुख्यात आनंदपाल

Cफिर ¨डग पुलिस ने 200 किलोमीटर दूर जाकर राजस्थान के चुरु जिले के समीप गांव मालासर के एक घर में छुपे आनंदपाल ¨सह को ढेर करने में राजस्थानगरण संवाददाता, सिरसा : डेढ़ साल से राजस्थान की पुलिस कुख्यात आनंद पाल ¨सह को ढूंढने के लिए जगह-जगह

जागरण संवाददाता, सिरसा : डेढ़ साल से राजस्थान की पुलिस कुख्यात आनंद पाल ¨सह को ढूंढने के लिए जगह-जगह दस्तक देती रही और सिरसा पुलिस के शामिल होते ही पहले संयुक्त आपरेशन में ही कुख्यात आनंदपाल को मार गिराया। आनंदपाल के भाई रूपेंद्र के सिरसा में छुपे होने के इनपुट से ही आपरेशन शुरु हुआ। फिर ¨डग पुलिस ने 200 किलोमीटर दूर जाकर राजस्थान के चुरु जिले के समीप गांव मालासर के एक घर में छुपे आनंदपाल ¨सह को ढेर करने में राजस्थान पुलिस का सहयोग किया।

सिरसा के ¨डग थाना क्षेत्र के गांव शेरपुरा निवासी सुरेंद्र ¨सह के यहां से आनंदपाल ¨सह के भाई रूपेंद्र उर्फ विक्की व उसके चचेरे भाई देवेंद्र उर्फ गुट्टू को पुलिस ने गिरफ्तार किया। दोनों के पास से दो पिस्तौल भी बरामद हुए हैं। इन्हीं दोनों से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि कुख्यात बदमाश राजस्थान में ही है और वहां एक मकान के ऊपरी हिस्से में नाम बदलकर रह रहा है। इस सूचना के बाद राजस्थान पुलिस ने सिरसा पुलिस के साथ संयुक्त आपरेशन में आनंदपाल को खोजने का फैसला किया। सिरसा के पुलिस अधीक्षक से निर्देश मिलते ही ¨डग पुलिस राजस्थान पुलिस के साथ ही आपरेशन के लिए चुरु की ओर कूच कर गई।

15 दिन से सांझा हो रही थी पुलिस की सूचनाएं

सिरसा के पुलिस अधीक्षक सतेंद्र गुप्ता ने बताया कि 15 दिन से दोनों राज्यों की पुलिस इस मामले में काम कर रही थी। सूचनाओं का आदान-प्रदान हो रहा था। कल सूचना थी, जिसके आधार पर शेरपुरा में छापा मारकर दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। सूचनाओं को अति गोपनीय रखा गया। इसलिए किसी को भनक नहीं लग पाई। दोनों राज्यों की पुलिस लगातार आपस में संपर्क में थी। राजस्थान पुलिस ने कुख्यात बदमाश आनंदपाल को पकड़ने के लिए एसओजी बनाया हुआ था। डेढ़ साल से कुख्यात बदमाश को ढूंढने में राजस्थान पुलिस लगी हुई थी।

नाम बदलकर आए थे रुकने

शेरपुरा के जिस मकान से आनदंपाल के भाईयों को पकड़ा गया है। वे यहां किसी अन्य दोस्त का हवाला देकर नाम बदलकर आए थे। बाइक पर कल ही यहां पहुंचे थे और कुछ देर बाद ही पुलिस का छापा पड़ गया। संयुक्त ऑपरेशन में शामिल रहे आईपीएस नरेंद्र बिजारणिया ने बताया कि 15 दिन से सिरसा पुलिस इस मामले में काम कर रही थी। आनंदपाल से जुड़े लोग कहां रूक सकते हैं, कौन उन्हें शरण दे सकते हैं, जैसी जानकारियां फील्ड से एकत्रित कर ली गई थी। इन पर काम किया गया और यही परिणाम है कि उसका भाई यहां पहुंचते ही पकड़ा गया। तकनीक का सहारा लिया गया तो मुखबिरी भी इस संबंध में अलग-अलग क्षेत्रों से जुटाने में पूर्व में प्रयास किए गए। पहले भी वे जहां भी रुके, वहां किसी दूर के मित्र का हवाला देकर एक या दो दिन रुकते। वहां नाम बदलकर रहते और दो या तीन रुककर चले जाते। आनंदपाल के भाई पर करीबन 2 लाख रुपये का इनाम रखा हुआ था।

बिजारणिया की टीम होगी सम्मानित

आइपीएस नरेंद्र बिजारणिया व उनकी पूरी टीम को पुलिस प्रशासन की ओर से सम्मानित किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक सतेंद्र गुप्ता ने बताया कि टीम ने इतने बड़े कुख्यात को मार गिराने में अपना अहम योगदान दिया है। इसलिए टीम को सम्मान मिलना जरूरी है। जल्द ही टीम के सभी सदस्यों को रिवार्ड किया जाएगा।

शेरपुरा में दो लोगों को हिरासत में लेने के साथ ही आनंदपाल के बारे में महत्वपूर्ण इनपुट हाथ लग गए। पुलिस अधीक्षक को इसकी जानकारी दी गई। दोनों पुलिस के बीच तालमेल के साथ ही वे अपनी टीम के साथ तत्काल राजस्थान के चुरु के लिए निकल गए। राजस्थान के आईजी व एसएसपी चुरु से पूरे मामले में जानकारी सांझा करते रहे। मैं और मेरी टीम उसी लोकेशन पर पहुंच गए जहां आनंदपाल छिपा था। हमें गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्तियों से यह भी इनपुट मिल गया कि आनंदपाल के पास पुलिस कर्मियों से छीनी गई एके-47 व दूसरे हथियार है। इनपुट यह भी मिल गया कि वह मकान के ऊपरी हिस्से में रह रहा है। इसके बाद यह संयुक्त आपरेशन किया गया।

आइपीएस नरेंद्र बिजारणिया, एएसपी, सिरसा

:::::: आनंदपाल एनकाउंटर में सिरसा पुलिस व एएसपी नरेंद्र बिजारणिया व उनकी टीम का जितना शुक्रिया किया जाए, उतना कम है। उन्होंने हमें काफी सपोर्ट किया। ¨डग थाना क्षेत्र से आनंदपाल के भाई विक्की व गट्टू को सिरसा पुलिस के सहयोग से उठाया। वहां से एएसपी नरेन्द्र बिजारणिया व उनकी टीम 200 किलोमीटर हमारे साथ आई और आंनदपाल के एनकाउंटर में कंधे से कंधे मिलाकर सहयोग किया। हरियाणा पुलिस को दिल से बहुत-बहुत धन्यवाद।