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अपने -अपने क्षेत्र के राजकीय विद्यालयों का रोज बीईओ बीईईओ निरीक्षण करें

बच्चोंका बौद्धिक स्तर ऊंचा उठाने के लिए शिक्षकों को धरातल पर मेहनत करनी होगी। सभी राजकीय विद्यालयों में प्राथमिक माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की पढ़ाई की ओर विशेष ध्यान दिया जाए। ये बात उपायुक्त विजय कुमार सिद्दप्पा ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में बच्चों में कौशल विकास और बौद्धिक क्षमता में वृद्धि के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे सक्षम कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कही। 

डीसी ने कहा कि सभी खंड शिक्षा अधिकारी मौलिक शिक्षा अधिकारी नियमित रूप से अपने अपने क्षेत्र के राजकीय विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे। शिक्षकों में स्वअनुशासन की भावना को मजबूत करते हुए शिक्षा का स्तर ऊपर ऊठाया जा सकता है। स्कूलों में अध्यापन कार्य करने वाले शिक्षक, प्राचार्य एवं मुख्य अध्यापक अपना खुद का विद्यालय मानते हुए सेवा भाव से कर्तव्य का पालन करें। 

एडीसी अजय सिंह तोमर, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश शर्मा सुशासन सहयोगी प्रमोद रतूड़ी तथा शिक्षा अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में डीसी ने कहा कि सक्षम कार्यक्रम के लिए दादरी जिला के बौंद खंड को पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर चुना गया है। इस कार्यक्रम का मकसद है कि 8वीं कक्षा तक के बच्चे परीक्षाओं में 80 प्रतिशत परिणाम हासिल कर सकें। बौंद खंड के मौलिक शिक्षा अधिकारी कुलदीप फौगाट ने बताया कि अभी यह स्थित औसतन 50 प्रतिशत तक पहुंच पाई है। 

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सदानंद ने बताया कि राज्य शैक्षणिक अनुसंधान परिषद की ओर से स्कूलों में एलईपी (लर्निंग इनहांसमेंट प्रोग्राम) चलाया जा रहा है। इसके लिए खंड स्तर पर बीआरपी और एबीआरसी नियुक्त किए गए हैं। प्राथमिक कक्षाओं के छात्र छात्राओं का हर महीने टेस्ट लिया जाता है। 

अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि वह स्वयं इस महीने परीक्षा परिणाम के निचले पायदान पर खड़े 10 स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने बैठक में उपायुक्त को सर्वश्रेष्ठ अध्यापक को सम्मानित करने का भी सुझाव दिया। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी जयप्रकाश, प्रकाश फौगाट, कपूर सिंह राणा, इशान आदि मौजूद रहे। 

लघु सचिवालय में बच्चों में कौशल विकास और बौद्धिक क्षमता में वृद्धि के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे सक्षम कार्यक्रम की समीक्षा करते उपायुक्त विजय कुमार सिदप्पा।