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केवल बचाव ही उपचार है एड्स का

चरखी दादरी: विश्व एड्स दिवस के अवसर पर गांव सरूपगढ़ सांतौर स्थित सन साइन स्कूल आफ साईंस परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता निदेशक सौमिक कलकल ने की। आयोजन में संबंधित विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। इसमें अध्यापकों सहित विद्यार्थियों ने भी सहभागिता की। सौमिक कलकल ने कहा कि विश्व के भंयकर रोगों में से एक एड्स है। इस रोग के बारे में कई तरह की भ्रांतियां फैली हुई है, जिन्हें सुन सुनकर अक्सर गलतफहमियों का शिकार हम सभी हो जाते हैं जबकि वास्तविकता यह है कि यह कोई ऐसा रोग नहीं है जिसके रोगी के छूने, उसके साथ उठने बैठने, भोजन करने आदि से फैलता हो। इस रोग के होने के मुख्यतय चार कारण होते है जिनमें से प्रमुख असुरक्षित यौन संबंध है। इसके साथ ही किसी ऐसी रोगी जिसे कि यह रोग हो उसे लगाई गई सी¨रज व निड़ल का इस्तेमाल, गर्भवती माता से उसके शिशु को होने की संभावना रहती है। इसके साथ ही किसी एड्स संक्रमित रक्त को अगर दूसरे रोगी के लिए प्रयोग किया जाता है तो भी यह रोग हो जाता है। विद्यार्थियों ने पोस्टरों की सहायता से संबंधित विषय को दर्शाया। आयोजन में नरेश, सुप्रिया, मंगल, कुलदीप, गीता, अनूप सहित स्टाफ सदस्यों का सहयोग रहा।