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एसएचओ की ट्रे¨नग के आखिरी दिन छा गए आइपीएस बिजारणिया

जागरण संवाददाता, सिरसा : नाम नरेंद्र बिजारणिया। एक ऐसा ऑफिसर जिसने अपनी ज्वाइ¨नग के दिन से ही अपराधियों के खिलाफ कड़े तेवर दिखाए। एसएचओ की ट्रे¨नग के लिए इसी साल 26 जनवरी में ¨डग थाना में कार्यभार संभाला। ट्रे¨नग पूरी होने के आखिरी दिन ही बिजारणिया छा गए। राजस्थान में अपराध की दुनिया के कुख्यात को मौत के घाट उतारने में आइपीएस नरेंद्र बिजारणिया ने अहम योगदान दिया।

दरअसल, नरेंद्र बिजारणिया का शनिवार को ¨डग थाना में एसएचओ की ट्रे¨नग का आखिरी दिन था। वे ¨डग थाना से रिलीव भी हो गए। तभी राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर कुख्यात आनंदपाल ¨सह को पकड़ने के मिशन पर निकल गए।

राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले हैं नरेंद्र

मूलरूप से राजस्थान के सीकर जिले के किसान परिवार में जन्मे नरेंद्र बिजारणिया ने इंजीनिय¨रग के बाद पुलिस की नौकरी चुनी। 2015 के आइपीएस नरेंद्र बिजारणिया ने ¨डग थाना का ट्रेनी एसएचओ रहते हुए कई आपराधिक मामले पकड़े। बिजारणिया ने जयपुर के मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनिय¨रग की पढ़ाई की है।2011 से 2014 तक वह केंद्रीय एक्साइज एंड कस्टम विभाग में रहे।

ये रहीं उपलब्धियां

- आइपीएस नरेंद्र बिजारणिया के नेतृत्व में ही ¨डग पुलिस ने हेरोइन तस्कर नाइजेरियन को गिरफ्तार किया।

- 13 मई को गांव सुचान के एक घर से 1 ¨क्वटल 40 किलो गांजे के साथ लख¨वद्र ¨सह को गिरफ्तार किया।

- नीली बत्ती लगी गाड़ी में पुलिस की वर्दी में नोट बदलने के मामले में पूरे गिरोह को गिरफ्तार किया।

- चूरापोस्त के भी कई मामले पकड़कर नशा तस्करों को चुनौती दी।